बिहार की संस्कृति वाक्य
उच्चारण: [ bihaar ki sensekriti ]
उदाहरण वाक्य
- जाने माने फोटोग्राफर बिनोय बहल ने बिहार की संस्कृति की तारीफ करते हुए कहा कि बिहार में विचारों की शुद्धता मौजूद है, उन्होंने बुद्धिज्म के खुबसूरती की तारीफ की, साथ ही ना म्यूजियम की पेंटिग्स की भी जमकर तारीफ की।
- इधर डेस्क पर बैठे लोगों ने देखा कि ये तो समाचार हैं, बिकनेवाला आयटम हैं, तो उन्होंने बिहार की संस्कृति और अश्लीलता पर दिखाकर लगे व्याख्यान देने, जिन्हें अश्लील साईट और अश्लील फिल्में देखने का शुरु से ही शौक रहा हैं।
- बागों में आम की मंजरी पर गाते कोयल की मीठी कलरव हो या खेतों में बजते बैलों के गले घंटी की मिठास-सब के सब बिहार की संस्कृति के ही हिस्से हैं, जिसे कवियों ने भी जब चाहा है, तराशा है ।
- हां! यह दुख अवश्य सालता रहेगा कि अति पिछड़े बिहार को फिर से विकास की पटरी पर लाने में सफल, भ्रष्ट हो चुकी कानून-व्यवस्था की वापसी में सफल, कृषि, शिक्षा, उद्योग, स्वास्थ्य आदि क्षेत्रों में उल्लेखनीय सुधार में सफल मुख्यमंत्री नीतीशकुमार अहंकारी बन गठबंधन धर्म के साथ-साथ बिहार की संस्कृति को भी भूल गए।
- हां! यह दुख अवश्य सालता रहेगा कि अति पिछड़े बिहार को फिर से विकास की पटरी पर लाने में सफल, भ्रष्ट हो चुकी कानून-व्यवस्था की वापसी में सफल, कृषि, शिक्षा, उद्योग, स्वास्थ्य आदि क्षेत्रों में उल्लेखनीय सुधार में सफल मुख्यमंत्री नीतीशकुमार अहंकारी बन गठबंधन धर्म के साथ-साथ बिहार की संस्कृति को भी भूल गए।
- बिहार से एक हजार किलोमीटर से ज्यादा दूर पांडिचेरी में जन्मे पी॰के॰ क्रूपाकरण (पांडिचेरी कनक सभापति क्रूपाकरण) ने बिहार और बिहार की पत्रकारिता को अपनी जिंदगी क्यों दे दी? एक तमिल भाषी, अंग्रेजी पत्रकार ने क्यों बिहार की धरती, बिहार की भाषा, बिहार की संस्कृति को इतनी तरजीह दी? बिहार के बौद्धिक परिवेश में उनके जाने के बाद उनके व्यक्तित्व पर बहस-विमर्श का एक दौर शुरू हो गया है।
- (सिर्फ सोच कर बैठती तो शायद आज भोजपुरी, मैथिलि, और बिहार की अन्य भाषाओँ के अलग अलग विधाओं के गीत नाद कहीं कुनबे में बंद पड़े होते) | अश्लीलता पहले गानों में बुरी है क्युकि वो हमारे यहाँ के लोकसंस्कृति का सीधा प्रति-बिम्ब है | मै बिहार की संस्कृति से गहरे रूप से जुडी रही और अपने घर आंगनों में से बुजुर्गों के बीच बैठ कर और हमारे प्रन्गानो में आने जाने वाली हर तबके की महिलाओं सहित हल जोतने वाले हो या भैंस चराने वाले ….
- ये वे लोग थे, जो बंद कमरों में वीडियो चलाकर, एडल्ट फिल्में देखने अथवा विभिन्न वेवसाईटों पर एडल्ट साईट देखने पर शर्म महसूस नहीं करते अथवा मुन्नी बदनाम हुई या शीला की जवानी फिल्मों पर डांस करने से ग़ुरेज नहीं करते और न ही मुन्नी बदनाम हुई अथवा शीला की जवानी जैसे गाने इन्हें अश्लील लगती हैं, पर जैसे ही कोई लड़कियां अथवा बार बालाएं इन्हीं गीतों पर चौक चौराहों पर डांस कर रही होती हैं तो इन्हें उसमें अश्लीलता, बिहार की संस्कृति पर चोट जैसी चीजें दिखाई पड़ने लगती हैं।