बृहदारण्यक उपनिषद वाक्य
उच्चारण: [ berihedaarenyek upenised ]
उदाहरण वाक्य
- स्मृति काल वैदिक एवं उपनिषदिक काल से काफी बाद का है, लेकिन बृहदारण्यक उपनिषद में हम मेत्रैयी और याज्ञवल्यक्य की कथा पढ़ते हैं जहाँ याज्ञावल्क्य पत्नियों को छोड़ कर सन्यास हेतु वन जाने की बात कहते हैं तो मेत्रैयी यही सवाल करती है कि आपको तो आत्मज्ञान सन्यास से होगा तो आपके छोड़े गये धन से हमारी मुक्ति कैसे सम्भव होगी।