भगदत्त वाक्य
उच्चारण: [ bhegadett ]
उदाहरण वाक्य
- अन्ततः अर्जुन भगदत्त की आँखो की पट्टी को तोड़ देता है जिससे उसे दिखना बन्द हो जाता है और अर्जुन इस अवस्था में ही छ्ल से उनका वध कर देता है।
- दूसरी ओर, नरकासुर के वंशज भगदत्त को महाभारत में प्रतिष्ठित उल्लेख प्राप्त हुआ, कुरुक्षेत्र में भगदत्त वीरतापूर्वक लड़ा और अंत में पांडव कुमारों में द्वितीय, भीम के हाथों से एक योद्धा की तरह वीरगति को प्राप्त हुआ ।
- दूसरी ओर, नरकासुर के वंशज भगदत्त को महाभारत में प्रतिष्ठित उल्लेख प्राप्त हुआ, कुरुक्षेत्र में भगदत्त वीरतापूर्वक लड़ा और अंत में पांडव कुमारों में द्वितीय, भीम के हाथों से एक योद्धा की तरह वीरगति को प्राप्त हुआ ।
- इनके अतिरिक्त शाल्वराज, पवनदेश का राजा भगदत्त, सौवीरराज [[गंधार]] का राजा सुबल नग्नजित् का मीर का राजा गोभर्द, [[दरद | दरद देश]] का राजा तथा कौरवराज [[दुर्योधन]] आदि भी उसके सहायक थे।
- एक बार पुनः घटोत्कच दुर्योधन को युद्ध में अपनी माया द्वारा प्रताड़ित कर युद्ध से उसकी सेना को भगा देता है, तब भीष्म की आज्ञा से भगदत्त घटोत्कच को हरा कर भीम, युधिष्ठिर व अन्य पाण्डव सैनिकों को पीछे ढकेल देता है।
- एक बार पुनः घटोत्कच दुर्योधन को युद्ध में अपनी माया द्वारा प्रताड़ित कर युद्ध से उसकी सेना को भगा देता है, तब भीष्म की आज्ञा से भगदत्त घटोत्कच को हरा कर भीम, युधिष्ठिर व अन्य पाण्डव सैनिकों को पीछे ढकेल देता है।
- इस दिन अर्जुन कौरव सेना में भगदड़ मचा देता है, धृष्टद्युम्न दुर्योधन को युद्ध में हरा देता है, अर्जुन पुत्र इरावान विन्द और अनुविन्द को हरा देते है, भगदत्त घटोत्कच को और नकुल सहदेव शल्य को युद्ध क्षेत्र से भगा देते हैं, भीष्म पाण्डव सेना का भयंकर संहार करते हैं।
- भीम ने तो इस दिन कौरव सेना में हाहाकार मचा दी, दुर्योधन ने अपनी गजसेना भीम को मारने के लिये भेजी परन्तु घटोत्कच की सहायता से भीम ने उन सबका नाश कर दिया और १४ कौरवों को भी मार गिराया, परन्तु राजा भगदत्त द्वारा जल्द ही भीम पर नियंत्रण पा लिया गया।
- भीम ने तो इस दिन कौरव सेना में हाहाकार मचा दी, दुर्योधन ने अपनी गजसेना भीम को मारने के लिये भेजी परन्तु घटोत्कच की सहायता से भीम ने उन सबका नाश कर दिया और १ ४ कौरवों को भी मार गिराया, परन्तु राजा भगदत्त द्वारा जल्द ही भीम पर नियंत्रण पा लिया गया।
- सातवाँ दिन इस दिन अर्जुन कौरव सेना में भगदड़ मचा देता है, धृष्टद्युम्न दुर्योधन को युद्ध में हरा देता है, अर्जुन पुत्र इरावान विन्द और अनुविन्द को हरा देते है, भगदत्त घटोत्कच को और नकुल सहदेव शल्य को युद्ध क्षेत्र से भगा देते हैं, भीष्म पाण्डव सेना का भयंकर संहार करते हैं।