भयानक रस वाक्य
उच्चारण: [ bheyaanek res ]
उदाहरण वाक्य
- श्रृंगार रस · हास्य रस · करुण रस · वीर रस · रौद्र रस · भयानक रस · बीभत्स रस · अद्भुत रस · शांत रस · वात्सल्य रस · भक्ति रस
- जो कविता पाठक या श्रोता को आतंकित करे, उसे भयानक रस में वर्गीकृत किया जा सकता है, मगर काव्य-संसार में भयानक और वीभत्स रस की भूमिका बहुत छोटी-सी होती है।
- सुनीता शर्मा जी ने कहा कि-” सच फ़रमाया ललित जी, फ़ेसबुक की दुनिया में भयानक रस का कोई स्थान नहीं है, अपने बिजि लाईफ़ से कोई 2 पल निकालता है तो विभित्स चित्र देखने के लिए नहीं।
- अहा! यह कैसे काले काले झाड़ई से सिर के बाल खड़े किये लम्बे-लम्बे हाथ पैर बिकराल दांत लम्बी जीभ निकाले इधर-उधर दौड़ते और परस्पर किलकारी मारते हैं मानों भयानक रस की सेना मूर्तिमान होकर यहाँ स्वच्छंद विहार कर रही है।
- सुनीता शर्मा जी ने कहा कि-” सच फ़रमाया ललित जी, फ़ेसबुक की दुनिया में भयानक रस का कोई स्थान नहीं है, अपने बिजि लाईफ़ से कोई 2 पल निकालता है तो विभित्स चित्र देखने के लिए नहीं।
- अहा! यह कैसे काले काले झाड़ई से सिर के बाल खड़े किये लम्बे-लम्बे हाथ पैर बिकराल दांत लम्बी जीभ निकाले इधर-उधर दौड़ते और परस्पर किलकारी मारते हैं मानों भयानक रस की सेना मूर्तिमान होकर यहाँ स्वच्छंद विहार कर रही है।
- अब यह बात दूसरी थी कि अर्द्धमूर्छित अवस्था में एक अनजानी जगह नौ दिन पड़ा नौ रसानुभूति करने के बाद ठीक अपने दसवें के दिन करुण रस में डूबे अपने मित्रों के सम्मुख भयानक रस का दृश्य प्रस्तुत करता हुआ आ खड़ा हुआ।
- 280 संयोग शृंगार का उदाहरण है-बतरस लालच लाल की, मुरली धरी लुकाय 281 वियोग शृंगार का उदाहरण है-कागज पर लिखत न बनत, कहत संदेश लजाय 282 ' एक और अजगरहि लखि, एक और मृगराय, विकल बटोही बीच ही, परयो मूरछा खाय ' में रस है-भयानक रस 283 आचार्य भट्लोल्लट का उत्पतिवाद है-आचार्य के अनुसार रस वस्तुत: मूल पात्रों में रहता।