मत्स्य-पालन वाक्य
उच्चारण: [ metsey-paalen ]
उदाहरण वाक्य
- मत्स्य-पालन विभाग की सौ दिन की कार्य-योजना पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मछुआरों को प्रशिक्षण देकर विभिन्न योजनाओं में बन रहे तालाबों का अधिकतम उपयोग मत्स्य-पालन के लिए करने की रणनीति बनाएं।
- प्रेसीडेंसी का मत्स्य-पालन उद्योग काफी समृद्ध था जहां शार्क के पर, [158] मछलियों के पेट [158] और मत्स्य-शोधन कार्य [159] मछुआरों के लिए आय के मुख्य स्रोत थे.
- कृषि उत्पादों की परिभाषा में संशोधन करके उनके अंतर्गत खाद्य और अखाद्य तिलहनों, मवेशी आहार, बागवानी और पशुपालन उत्पाद, वानिकी, मुर्गी पालन, मत्स्य-पालन और कृषि-संबंधी अन्य गतिविधियों को शामिल किया गया है।
- मत्स्य-पालन मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मत्स्य-पालन विभाग द्वारा मंथन की अनुशंसाओं पर आधारित रोड मेप की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रदेश के तालाबों में मत्स्य पालन की क्षमता का पूरा दोहन करने की कार्य योजना बनाई जाये।
- मत्स्य-पालन मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मत्स्य-पालन विभाग द्वारा मंथन की अनुशंसाओं पर आधारित रोड मेप की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रदेश के तालाबों में मत्स्य पालन की क्षमता का पूरा दोहन करने की कार्य योजना बनाई जाये।
- केंद्रीय मत्स्य-पालन और समुद्री इंजीनियरी प्रशिक्षण संस्थान (कोचीन), जिसकी एक-एक इकाई चेन्नई और विशाखापत्तनम में है, का उद्देश्य गहरे पानी में मछली पकड़ने वाले जहाजों के लिए पर्याप्त संख्या में परिचालक और तटवर्ती प्रतिष्ठानों हेतु तकनीशियन उपलब्ध कराना है।
- मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने मंथन-2009 में गठित अधिकारियों के कार्यदलों द्वारा प्रस्तुत सिफारिशों पर विभागवार समीक्षा के अंतर्गत मंत्रालय में आज दूसरे दौर में वन, कृषि, पशुपालन और मत्स्य-पालन विभाग द्वारा तैयार रोड मेप की समीक्षा की।
- इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के तौर पर सांसद श्री नरेन्द्र सिंह तोमर, पशु-पालन एवं मत्स्य-पालन मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री श्री अजय विश्नोई, ऊर्जा एवं खनिज मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल तथा सांसद रीवा श्री देवराज सिंह उपस्थित रहेंगे।
- केंद्रीय मत्स्य-पालन और समुद्री इंजीनियरी प्रशिक्षण संस्थान (कोचीन), जिसकी एक-एक इकाई चेन्नई और विशाखापत्तनम में है, का उद्देश्य गहरे पानी में मछली पकड़ने वाले जहाजों के लिए पर्याप्त संख्या में परिचालक और तटवर्ती प्रतिष्ठानों हेतु तकनीशियन उपलब्ध कराना है।
- कार्यशाला में श्री एस. डी. पटेरिया ने रेशम एवं टसर उत्पादन से आजीविका, श्री यू. के. सुबुद्धि ने मत्स्य-पालन और श्री आर. आर. ओखंडियार ने लघु वनोपज संवर्द्धन कार्यों के जरिये आजीविका संवर्द्धन विषय पर विस्तार से जानकारी दी।