मधु और कैटभ वाक्य
उच्चारण: [ medhu aur kaitebh ]
उदाहरण वाक्य
- जब सम्पूर्ण जगत् जलमग्न था और भगवान् विष्णु शेषनाग की शय्या बिछाकर योगनिद्रा का आश्रय ले सो रहे थे, उस समय उनके कानों के मैल से मधु और कैटभ दो भयंकर असुर उत्पन्न हुए।
- भगवान ब्रह्मा माँ के इस रूप से विष्णुजी को नींद की जकड़न से छूटने की विनती कर रहे हैं, ताकि विष्णु भगवान ब्रह्माजी को मारने को लालायित मधु और कैटभ नामक राक्षसों का वध कर सकें।
- क्या बहुत समय पूर्व मधु और कैटभ नाभक दानवों के साथ पाँच हज़ार वर्षों तक लड़कर अंत में उसी शक्ति की सहायता से ही मैंने विजय नहीं पाई? मैं कभी अपने को स्वतंत्र व्यक्ति नहीं मानता।
- भगवान ब्रह्मा माँ के इस रूप से विष्णुजी को नींद की जकड़न से छूटने की विनती कर रहे हैं, ताकि विष्णु भगवान ब्रह्माजी को मारने को लालायित मधु और कैटभ नामक राक्षसों का वध कर सकें।
- ' ' लिहाजा भगवान श्री हरि भी उठते ही संग्राम में कूद पड़ते हैं: “ समुत्थाय ततस्ताभ्यां युयुधे भगवान् हरि! ” ‘‘ और वे मधु और कैटभ दोनों के साथ पाँच हजार वर्षों तक केवल बाहुयुद्ध करते हैं।
- वे विष्णु के पास गये और विस्तार से भारत की भौगोलिक एवं सामरिक स्थिति का वर्णन किया तब विष्णु ने भगवती नाम की देवी द्वारा छल से मधु और कैटभ नाम के दैत्य राजाओं का विनाश किया और भारत में आयर्ोें का प्रवेश कराया।
- वे विष्णु के पास गये और विस्तार से भारत की भौगोलिक एवं सामरिक स्थिति का वर्णन किया तब विष्णु ने भगवती नाम की देवी द्वारा छल से मधु और कैटभ नाम के दैत्य राजाओं का विनाश किया और भारत में आयर्ोें का प्रवेश कराया।
- ' मारकंडेय पुराण' के अनुसार दुर्गा अद्वितीय शक्तियों से संपन्न देवी हैं, जिनका उद्भव जगत के संतुलन को विचलित करने के उद्देश्य से ब्रह्मा का वध करने को उद्दत मधु और कैटभ नाम के दो दुष्टों का संहार करने के लिए भगवान विष्णु के शरीर से हुआ है।
- उनमें से एक आख्यान में तो यह कहा गया है कि पिछली चतुर्युगी के अन्तिम चरण में जब विश्व विनाश निकट था, तब मधु और कैटभ नामक असुरों ने देवी-देवताओं को अपना बन्दी बनाया हुआ था और तब श्री नारायण भी मोह निद्रा में सोये हुए थे।
- मुझको तथा भगवान् विष्णु को भी तुमने ही शरीर धारण कराया है ; अत: तुम्हारी स्तुति करने की शक्ति किसमें है? देवि! ये जो दोनों दुर्धर्ष असुर मधु और कैटभ हैं, इनको मोह में डाल दो और जगदीश्वर भगवान् विष्णु को शीघ्र ही जगा दो।