मनमोहन सरल वाक्य
उच्चारण: [ menmohen serl ]
उदाहरण वाक्य
- इसके अतिरिक्त समकालीन समर्थ हिन्दी विज्ञान कथा लेखकों में लक्ष्मी नाराण कुशवाहा, संयोगिता लखेरा, मुनीन्द्र कुमार जैन (मारण यन्त्र), जीवन नायक (यूरेका), बृजलाल उनियाल (अखिलोडियो), मनमोहन सरल (परिवार, समय की लहरों पर) आदि उल्लेखनीय हैं जिन्होंने हिन्दी विज्ञान कथा लेखन को गति और ऊर्जा प्रदान की।
- ' ' इसके अतिरिक्त निबंध संग्रह ‘ विवेचना के सुर ' के लिए प्रो. शरद नारायण खरे (मंडला) को माखनलाल चतुर्वेदी पुरस्कार, ‘ एक अचानक शाम ' पर कहानी के लिए मनमोहन सरल (मुम्बई) को मुक्तिबोध पुरस्कार, उपन्यास ‘ काहे री नलिनी ' के लिए उषा यादव (आगरा) को वीरसिंह देव पुरस्कार और आलोचना पुस्तक ‘ गांधी: पत्रकारिता के प्रतिमान ' के लिए डॉ. कमलकिशोर गोयनका (दिल्ली) को आचार्य रामचंद्र शुक्ल पुरस्कार से भी अलंकृत किया गया।