महोदधि वाक्य
उच्चारण: [ mhodedhi ]
उदाहरण वाक्य
- स्नान माहात्म्य: पुरी में महोदधि, रोहिणी कुंड, इंद्रद्युम्न सरोवर, मार्कण् डेय सरोवर, श्वेत गंगा, चंदन तालाब, लोकनाथ सरोवर तथा चक्रतीर्थ इन पवित्र आठ जल तीर्थों में स्नान का बहुत माहात्म्य माना जाता है।
- एक यात्री सारे भारत की असंख्य बार यात्रा करके रामेश्वर या कन्याकुमारी आ पहुंचा है, उसके सारे संकल्प पूरे हुए हैं और केवल हृदय में कृतार्थता धारण कर रत्नाकर महोदधि के दर्शन करता है ऐसा एक चित्र बहुत वर्ष पहले देखा था।
- कहने का तात्पर्य यह है कि ‘ शब्द ' और संख्या (अंक) में सम्बन्ध होने के कारण-समस्त पदार्थों के मूल में जैसे ‘ शब्द ' है--1. देखिए ‘ मंत्र महोदधि ' तृतीय तथा एकादशतरंग ; पुरश्यचर्यार्णव तृतीय भाग
- श्रीकृष्ण के स्वर्गारोहण के पश्चात समग्र द्वारका, श्रीकृष्ण का भवन छोड़कर समुद्रसात हो गयी थी जैसा कि विष्णु पुराण के इस उल्लेख से सिद्ध होता है-' प्लावयामास तां शून्यां द्वारकां च महोदधि: वासुदेवगृहं त्वेकं न प्लावयति सागर:, [15] ।
- ४ ० ग्रा. दाख, ३ ग्रा. शहद, २ ग्रा. घी, इन सब को मिलाकर लगातार सेवन करने से हृदय की पीडा शांत होती है (आभार: रस राज महोदधि) आयुर्वेद की अधिक जानकारी के लिये आप मेरे वाले ब्लाग को भी देख सकते है।
- “ मंत्र महोदधि ” में कालरात्रि का ध्यान करते हुए लिखा गया है कि उदीयमान सूर्य जैसी आभावाली, बिखरे बालों वाली, काले वस्त्र धारण किए हुए, चारो हाथों में दंड, लिंग, वर एवं भुवन धारण करने वाली, त्रिनेत्र धारिणी, विविध आभूषणों से समलकृत प्रसन्नवदना देवगणों से सेवित एवं कामबाण से विकलित शरीरवाली मायाराज्ञि कालरात्रि का ध्यान करता हूं।
- इस सिंधु-यमुना के मैदान के दक्षिण में हैं विंध् याचल पर्वत की श्रेणियां, उनके दक्षिण में है भारत का प्रायद्वीप जिसके मानो रत् नाकर (सिंधु सागर), जिसे अब अरब सागर (Arabian Sea) भी कहते हैं, और महोदधि (गंगा सागर), जिसे अब बंगाल की खाड़ी (Bay of Bengal) कहकर पुकारते हैं, चरण पखार रहे हैं।
- मंत्र महोदधि ' मंे इनका बखान इस प्रकार किया गया है, ‘ उदीयमान सूर्य जैसी आभा वाली, बिखरे हुए बालों वाली, काले वस्त्रों वाली, त्रिनेत्री, चारों हाथों में दंड, लिंग, वर तथा भुवन को धारण करने वाली, आभूषणों से सुशोभित, प्रसन्न वदना, देव गणों से सेवित तथा कामवाण से विकसित शरीर वाली मायारात्रि कालरात्रि का ध्यान करता हूं।