मानस संगम वाक्य
उच्चारण: [ maanes sengam ]
उदाहरण वाक्य
- 17 सितम्बर 2006 को कानपुर बार एसोसिएशन द्वारा आयोजित हिन्दी सप्ताह समारोह में प्रथम बार वंदेमातरम का उद्घोष करने वाली इन बहनों ने 24 दिसम्बर 2006 को मानस संगम के समारोह में पं0 बद्री नारायण तिवारी की प्रेरणा से पहली बार भव्य रूप में वंदेमातरम गायन प्रस्तुत कर लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
- 17 सितम्बर 2006 को कानपुर बार एसोसिएशन द्वारा आयोजित हिन्दी सप्ताह समारोह में प्रथम बार वंदेमातरम का उद्घोष करने वाली इन बहनों ने 24 दिसम्बर 2006 को मानस संगम के समारोह में पं 0 बद्री नारायण तिवारी की प्रेरणा से पहली बार भव्य रूप में वंदेमातरम गायन प्रस्तुत कर लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
- क्रान्तिकारी परम्परा को सहेजने एवं सांस्कृतिक व ऐतिहासिक चेतना को जागृत करने के उद्देश्य से कानपुर की प्रसिद्ध संस्था ‘‘ मानस संगम ‘‘ के तत्वाधान में 18 अक्टूबर 1992 को नानाराव पार्क में ' शहीद उपवन ‘ की स्थापना क्रान्तिकारी शिव वर्मा की अध्यक्षता में देश के 22 क्रान्तिकारियों के सान्निध्य में हुई थी।
- मानस संगम ' द्वारा प्रकाशित इस पुस्तक के प्रकाशक एवं राष्ट्रभाषा प्रचार समिति उ ० प्र ० के संयोजक डॉ ० बद्रीनारायण तिवारी ने इस अवसर पर मंत्रीद्वय को स्मृति चिह्न भेंट करते हुए कहा कि हमारा प्रयास होगा कि ' क्रान्ति-यज्ञ ' रूपी शोध ग्रन्थ को देश-विदेश की तमाम महत्वपूर्ण हस्तियों, पुस्तकालयों, विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं जन सामान्य तक पहुँचाया जाय।
- समारोह की अध्यक्षता अध्यक्षता कर रहे राष्ट्रभाषा प्रचार समिति उ 0 प्र 0 के संयोजक एवं मानस संगम के प्रणेता डा 0 बद्री नारायण तिवारी ने अपने सम्बोधन में कृष्ण कुमार यादव की रचनाधर्मिता को सराहा और कहा कि ‘ क्लब कल्चर ‘ एवं अपसंस्कृति के इस दौर में जब अधिसंख्य प्रशासनिक अधिकारी बिना प्रभावित हुए नहीं रह पाते तो ऐसे में हिन्दी-साहित्य के प्रति अटूट निष्ठा व समर्पण शुभ एवं स्वागत योग्य है।
- इस अवसर पर 7 सगी अनवरी बहनों ने सद्भाव की मिसाल पेश करते हुए वन्दे-मातरम गीत प्रस्तुत किया और तत्पश्चात “ मानस संगम ” के संयोजक डा. बद्री नारायण तिवारी और उत्कर्ष अकादमी के निदेशक डा. प्रदीप दीक्षित के सान्निध्य में कृष्ण कुमार यादव को अंगवस्त्रम, स्मृति-चिह्न और नारियल के साथ “ मानस संगम ” द्वारा ही प्रकाशित पुस्तक “ क्रांति-यज्ञ ” की प्रति विमोचन के एक वर्ष पूरे होने पर भेंट की गई.
- इस अवसर पर 7 सगी अनवरी बहनों ने सद्भाव की मिसाल पेश करते हुए वन्दे-मातरम गीत प्रस्तुत किया और तत्पश्चात “ मानस संगम ” के संयोजक डा. बद्री नारायण तिवारी और उत्कर्ष अकादमी के निदेशक डा. प्रदीप दीक्षित के सान्निध्य में कृष्ण कुमार यादव को अंगवस्त्रम, स्मृति-चिह्न और नारियल के साथ “ मानस संगम ” द्वारा ही प्रकाशित पुस्तक “ क्रांति-यज्ञ ” की प्रति विमोचन के एक वर्ष पूरे होने पर भेंट की गई.
- शहर की सांस्कृतिककर्मी एवं युवा कवि बद्री नारायण तिवारी ने कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर मांग की है कि लंदन में 17 अप्रैल को होने वाली बापू की वस्तुओं की नीलामी को रोकने के लिए वह राष्ट्र प्रमुख होने के नाते हस्तक्षेप करें और अगर नीलामी न रुक पाए तो भारत सरकार नीलामी में इन वस्तुओं की खरीददारी कर लें और इस खरीददारी में जो भी रकम लगेगी वह मानस संगम संस्था आम जनता से जनसहयोग और चंदे के रुप में एकत्र करके भारत सरकार को दे देगी।