मुकुटधर पांडेय वाक्य
उच्चारण: [ mukutedher paanedey ]
उदाहरण वाक्य
- इनमें पद्मश्री मुकुटधर पांडेय, गुरुदेव काश्यप चौबे, राजेन्द्र अवस्थी, विष्णुनागर, उमाकांत मालवीय, बालशौरि रेड्डी, कुँवर नारायण, वरिष्ठ गीतकार एवं नवगीतकार स् व.
- अनंतराम पांडेय, पं. मेदिनीप्रसाद पांडेय, पं. पुरूषोत्तम प्रसाद पांडेय, पं. लोचनप्रसाद पांडेय, डॉ. बल्देवप्रसाद मिश्र और “पद्मश्री'' पं. मुकुटधर पांडेय आदि प्रमुख थे, ने यहां साहिित्यक वातावरण का सृजन किया।
- सचमुच अद्भुत आह्लादकारी! कभी किसी पोटली से मैथिलीशरण गुप्त, तो किन्हीं से सुमित्रानंदन पंत, बनारसीदास चतुर्वेदी, माखनलाल चतुर्वेदी, मुकुटधर पांडेय, अज्ञेय आदि के पत्र।
- पिछले वर्ष चंद्रपुर जमींदारी के अंतर्गत महानदी के तट पर बसे ग्राम बालपुर में छायावाद के प्रवर्तक पंडित मुकुटधर पांडेय की जयंती पर एक त्रिदिवसीय लोक शिविर का आयोजन किया गया।
- इसमें कबीर, तुलसी, निराला, पंत, महादेवी, महावीर प्रसाद द्विवेदी, विद्यानिवास मिश्र, मुकुटधर पांडेय, पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी, श्रीकांत वर्मा आदि की चर्चित कृतियाँ सम्मलित हैं ।
- किताबें-कविता-वृक्ष में तब्दील हो गई औरत, खिलना भूलकर, सूर्य किरण की छाँव में, धरती सबके महतारी, आलोचना-ढाई आखर, छायावाद और मुकुटधर पांडेय, विश्ववोध, छायावाद एवं अन्य श्रेष्ठ निबंध।
- फिर-फिर उजड़ने के बाद भी बसती हुई दुनिया को ****** * डॉ. बल्देव हिन्दी एवं छत्तीसगढ़ी के वरिष्ठ समीक्षक एवं कवि हैं जिन्होंने छायावाद के संस्थापक कवि श्री मुकुटधर पांडेय की प्रतिष्ठा के लिए लगातार कार्य किया है ।
- संवत् १९१७ के आसपास मैथिलीशरण गुप्त, मुकुटधर पांडेय आदि कवि खड़ीबोली काव्य को अधिक कल्पनामय, चित्रमय और अंतर्भाव व्यंजक रूप-रंग देने में प्रवृत्त हुए यह स्वच्छन्द और नूतन पद्धति अपना रास्ता निकाल रही थी कि रवीन्द्रनाथ की रहस्यात्मक कविताओं की धूम हुई।
- मुकुटधर पांडेय की कविता ग्राम्य जीवन याद आयी; शान्ति पूर्ण लघु ग्राम बड़ा ही सुखमय होता है भाई देखो नगरों से भी बढ़कर इनकी शोभा अधिकाई कपट द्वेष छलहीन यहाँ के रहने वाले चतुर किसान दिवस बिताते हैं प्रफुलित चित, करते अतिथि द्विजों का मान ।
- अंचल के अनेक लब्ध प्रतिष्ठ साहित्यकार जिनमें पं. अनंतराम पांडेय, पं. मेदिनीप्रसाद पांडेय, पं. पुरूषोत्तम प्रसाद पांडेय, पं. लोचनप्रसाद पांडेय, डा. बल्देवप्रसाद मिश्र और पद्मश्री पं. मुकुटधर पांडेय आदि प्रमुख थे, ने यहाँ साहित्यिक वातावरण का सृजन किया।