मुखगुहा वाक्य
उच्चारण: [ mukhegauhaa ]
उदाहरण वाक्य
- भोजन के चबाने की क्रिया के दौरान जीभ और गालों की पेशियों द्वारा मुख में चारों तरफ घुमाया जाता है जिससे यह मुखगुहा में लार (सैलाइवरी) ग्रंथियों से आए उनके स्राव, लार के साथ मिलकर निगलने के लिए एक आर्द्र (मुलायम) पिण्ड, ग्रास (bolus) बन जाता है।
- गले की मध्य रेखा में कठिका (hyiod), अबटुउपास्थि (thyroid cartilage) ओर उरोस्थि की ऊर्ध्व धारा शल्यचिकित्सक के लिये विशेष पेशियाँ ये हैं: चिबुककंठिका (mylohyoid), (जो मुखगुहा कीह भूमि बनाती है, अधोहन्वस्थि के एक ओर के कोण से दूसरी ओर के कोण तक फैली हुई है और पीछे की ओर कठिका पर लग जाती है), कंठिका जिह्वका (hyoglossus), अवटकंठिका (thyrohyoid), उरोस्थि कंठिका (sternohyoid) तथा अंसकंठिका (omohyoid)।