मेची नदी वाक्य
उच्चारण: [ mechi nedi ]
उदाहरण वाक्य
- विलायत से लड़ने में पश्चिम मे सतलुज से पुर्व में तीस्ता नदी तक फैला हुआ विशाल नेपाल सुगौली सन्धि के बाद पश्चिम में महाकाली और मेची नदियों के बीच सिमट गया लेकिन अपनी स्वाधीनता को बचाए रखने में नेपाल सफल रहा, बाद मे अंग्रेजो ने १८२२ मे मेची नदी व राप्ती नदी के बीच की तराई का हिस्सा नेपाल को वापस किया उसी तरह १८६० मे राणा प्रधानमन्त्री जंगबहादुर से खुश होकर अंग्रेजों ने राप्तीनदी से महाकाली नदी के बीच का तराई का थोड़ा और हिस्सा नेपाल को लौटाया ।
- 37 करोड़ नेपाली मुद्रा के लागत से बनने वाले इस पुल का निर्माण नेपाल सरकार के द्वारा किये जाने का दावा जहां नेपाली उपप्रधानमंत्री ने किया वहीं मंच पर मौजूद भारत के पूर्व केन्द्रीय मंत्री तस्लीमुद्दीन ने 560 मीटर लम्बे इस पुल के निर्माण के लिए भारत सरकार द्वारा धन उपलब्ध करवाने का दावा किया तथा कहा कि मेची नदी पर पुल निर्माण भारत सरकार की सहायता से नेपाल के तराई इलाके में सड़क नेटवर्क के विकास के तहत बन रहे हुलाकी राजमार्ग प्रोजेक्ट के तहत हो रहा है ।
- विलायत से लड्ने में पस्चिम मे सतलज से पुर्व में टिष्टा नदी तक फैला हुवा बिशाल नेपाल सुगौली सन्धि के बाद पश्चिम में महाकाली और मेची नदियों के बीच सिमट गया लेकिन अपनी स्वाधीनत को बचाए रखने में नेपाल सफल रहा, बाद मे अंग्रेजो ने १८२२ मे मेची नदी व राप्ती नदी के बीच की तराई का हिस्सा नेपाल को वापस किया उसी तरह १८६० मे राणा प्रधानमन्त्री जंगबहादुर से खुश होकर अंग्रेजो ने राप्तीनदी से माहाकाली नदी के बीच का तराई का थोडा और हिस्सा नेपाल को लौटाया ।
- विलायत से लड़ने में पश्चिम मे सतलुज से पुर्व में तीस्ता नदी तक फैला हुआ विशाल नेपाल सुगौली सन्धि के बाद पश्चिम में महाकाली और मेची नदियों के बीच सिमट गया लेकिन अपनी स्वाधीनता को बचाए रखने में नेपाल सफल रहा, बाद मे अंग्रेजो ने १८२२ मे मेची नदी व राप्ती नदी के बीच की तराई का हिस्सा नेपाल को वापस किया उसी तरह १८६० मे राणा प्रधानमन्त्री जंगबहादुर से खुश होकर अंग्रेजों ने राप्तीनदी से महाकाली नदी के बीच का तराई का थोड़ा और हिस्सा नेपाल को लौटाया ।
- विलायत से लड़ने में पश्चिम मे सतलुज से पुर्व में तीस्ता नदी तक फैला हुआ विशाल नेपाल सुगौली सन्धि के बाद पश्चिम में महाकाली और मेची नदियों के बीच सिमट गया लेकिन अपनी स्वाधीनता को बचाए रखने में नेपाल सफल रहा, बाद मे अंग्रेजो ने १ ८ २२ मे मेची नदी व राप्ती नदी के बीच की तराई का हिस्सा नेपाल को वापस किया उसी तरह १ ८ ६ ० मे राणा प्रधानमन्त्री जंगबहादुर से खुश होकर अंग्रेजों ने राप्तीनदी से महाकाली नदी के बीच का तराई का थोड़ा और हिस्सा नेपाल को लौटाया ।