योगवासिष्ठ वाक्य
उच्चारण: [ yogavaasiseth ]
उदाहरण वाक्य
- १ ८ (इन्द्रियों का आकाश आदि महाभूतों के अध्यात्म के रूप में वर्णन ; इन्द्रिय निरोध से महानात्मा के प्रकाशित होने का उल्लेख आदि), योगवासिष्ठ ६. १.
- ' श्री योगवासिष्ठ ' में आता है कि चिंतामणि के आगे जो चिंतन करो, वह चीज मिलती है परंतु सत्पुरुष के आगे जो चीज माँगोगे वह चीज वे नहीं देंगे, जिससे तुम्हारा हित होगा वही देंगे।
- ऋषि वशिष्ट तेजस्वी तपस्वी थे ऋग्वेद के अनेक मंत्रों के द्रष्टा वसिष्ठ हैं, सप्तम मंडल के द्रष्टा भी यही ही माने जाते हैं, वसिष्ठ के अनेक ग्रंथ देखे जा सकते हैं योगवासिष्ठ महारामायण, वसिष्ठ धर्मसूत्र (वसिष्ठ स्मृति), वसिष्ठ संहिता जो कि एक शाक्त ग्रंथ है इसमें ज्योतिष के विषयों पर भी विचार प्रस्तुत किया गया है,
- ३ २ (रसना, दर्शन, घ्राण आदि इन्द्रियों से इषुप्रपात मात्र रति सुख मिलने का उल्लेख), अनुशासन १ ४. २ ५ ८ (शिव के पिनाक धनुष के लिए पाशुपत शर के स्वरूप का वर्णन: सपादकार, एकपाद, सहस्रशिर, भुजाएं, जिह्वाएं, नेत्र आदि ; त्रिपुर दाह के लिए शिव द्वारा पाशुपत अस्त्र का प्रयोग इत्यादि), योगवासिष्ठ ३.