राजदेव सिंह वाक्य
उच्चारण: [ raajedev sinh ]
उदाहरण वाक्य
- इस अवसर पर शिरोमणि कमेटी सदस्य परमजीत सिंह खालसा, पूर्व सांसद राजदेव सिंह खालसा, किंग्स ग्रुप के चेयरमैन हरदेव सिंह बाजवा लीला और गुरुद्वारा सिंह सभा के प्रधान तेजा सिंह जागल इत्यादि ने नगर कीर्तन का स्वागत किया और सेवा निभाई।
- इनके पिता राजदेव सिंह का एक ठाकुर होने के अलावा यहां और कोई पूर्व राजनीतिक वजूद नहीं माना जाता है, जो भी कुछ हैं वह केवल धनंजय सिंह ही हैं, इसलिए माना जा रहा है कि राजदेव सिंह मात्र डमी प्रत्याशी हैं।
- इनके पिता राजदेव सिंह का एक ठाकुर होने के अलावा यहां और कोई पूर्व राजनीतिक वजूद नहीं माना जाता है, जो भी कुछ हैं वह केवल धनंजय सिंह ही हैं, इसलिए माना जा रहा है कि राजदेव सिंह मात्र डमी प्रत्याशी हैं।
- इस मौके पर राजकुमार सिंह, कुंदन गुप्ता, राजदेव सिंह चंद्रवंशी, शिवनाथ ठाकुर, हरि महतो, मदन मोहन महतो आदि ने मंडल कमीशन के 28 फीसद आरक्षण में अति पिछड़ा के लिए 18 फीसद अलग आरक्षण, न्यायपालिका एवं विधायिका में उचित भागीदारी के लिए एकजुट संघर्ष का आह्वान किया।
- ४डॉ० राजदेव सिंह ने अपनी पुस्तक संत साहित्य: पुनर्मूल्यांकन में इस बात को आगे बढ़ाते हुए लिखा है कि हठयोगी नाथों, बज्रयानियों और सहजयानी बौद्धों, त्रिपुरा सम्प्रदायों के तांत्रिकों, वीराचार्यों, दत्तात्रोय के सम्प्रदाय वालों, शैवों और परवर्ती सहजियों की इस साधनाभूमि में अपनी जड़ें जमाने में वैष्णव आचार्यों को पर्याप्त संघर्ष करने पड़े थे।
- यह इस बात का प्रमाण है कि धनंजय सिंह जिले में कितने मजबूत है हम आप को बता दे कि धनंजय सिंह इस सिट को 80 हजार वोटों से जीते थे जो अबतक का रिकार्ड है सिहं रारी विधानसभा से दो बार लगातार विधायक रहे है वर्तमान में उनके पिता व बसपा विधायक राजदेव सिंह रारी से विधायक है ।
- ४ डॉ ० राजदेव सिंह ने अपनी पुस्तक संत साहित्य: पुनर्मूल्यांकन में इस बात को आगे बढ़ाते हुए लिखा है कि हठयोगी नाथों, बज्रयानियों और सहजयानी बौद्धों, त्रिपुरा सम्प्रदायों के तांत्रिकों, वीराचार्यों, दत्तात्रोय के सम्प्रदाय वालों, शैवों और परवर्ती सहजियों की इस साधनाभूमि में अपनी जड़ें जमाने में वैष्णव आचार्यों को पर्याप्त संघर्ष करने पड़े थे।
- जहाँ ' लोहिया' ने हिम्मत न जुटायी हो चुनाव लड़ने की, जहाँ की जनता ने पंडित दीन दयाल उपाध्याय को अपने प्रखर व् प्रबुद्ध राजनेता स्वर्गीय श्री राजदेव सिंह (सांसद कांग्रेस पार्टी) के सामने नकार दी हो वहां की जनता अब किसका बरन करे यह संकट उसके सामने आज के सारे राजनैतिक दल अपनी अपनी प्रत्याशिता से पैदा कर रहे हैं.क्या अब जौनपुर में राजनितिक प्रतिभा का टोटा पड़ गया है!
- नाभादास ने यद्यपि कबीर तथा तुलसी दोनों को भक्त स्वीकार किया और मीरा तक आते-आते कबीर की चर्चा पौराणिक भक्तों के साथ भी होने लगी थी (डॉ. राजदेव सिंह, संत साहित्य की भूमिका, पृ ० १ ८), किंतु तुलसी के प्रति एकांत-निष्ठा रखने वाले वैष्णव समालोचकों ने तुलसी को भक्त और कबीर आदि छोटी जाति के कवियों को संत रूप में मान्यता देकर एक विशेष अलगाववादी रास्ता चुना।
- लेकिन ये रास्ता किसी आंदोलन से जुड़ा नहीं है बल्कि इसके लिए वह अपने शरीर का ही सहारा लेती है. वह शहर की जानी मानी कालगर्ल [भैरवी गोस्वामी] से कालगर्ल बनकर सेक्स को प्रेम से अलग इस्तेमाल करने के तरीके सीखती है और सबसे पहले वह कम्पनी के सी ओ राजदेव सिंह [जॉय सेन गुप्ता] को अपने प्रेम जाल में फंसाती है और फिर सिद्दार्थ धनराज के पिता कुमार धनराज [सौरब दूबे] तक पहुँच जाती है.