राजा जगत सिंह वाक्य
उच्चारण: [ raajaa jegat sinh ]
उदाहरण वाक्य
- यहां के दशहरे को लेकर एक कथा प्रचलित है-जिसके अनुसार एक साधु कि सलाह पर राजा जगत सिंह ने कुल्लू में भगवान रघुनाथ जी की प्रतिमा की स्थापना की।
- फुहारी बाबा के नाम से जाने जाने वाले किशन दास नामक संत ने राजा जगत सिंह को सलाह दी कि कुल्लू में भगवान रघुनाथ जी की प्रतिमा की स्थापना की जाय।
- एक बार किसी ने राजा जगत सिंह के पास झूठी शिकायत कर दी कि टिपरी गांव (मणिकर्ण से २५ कि.मी.) के एक ब्राहम्ण के पास अनमोल मोती हैं, यह तो राजा के पास होने चाहिए।
- एक बार किसी ने राजा जगत सिंह के पास झूठी शिकायत कर दी कि टिपरी गांव (मणिकर्ण से २ ५ कि. मी.) के एक ब्राहम्ण के पास अनमोल मोती हैं, यह तो राजा के पास होने चाहिए।
- यहां के दशहरे को लेकर एक कथा प्रचलित है जिसके अनुसार एक साधु कि सलाह पर राजा जगत सिंह ने कुल्लू में भगवान रघुनाथ जी की प्रतिमा की स्थापना की उन्होंने अयोध्या से एक मूर्ति लाकर कुल्लू में रघुनाथ जी की स्थापना करवाई थी.
- ऐतिहासिक प्रसंग प्रसिद्ध है कि कुल्लू के राजा जगत सिंह ने ब्राह्महत्या का प्रायश्चित करने के लिए अयोध्या से रघुनाथ जी की प्रतिमा लाकर कुल्लू में प्रस्थापित की थी और अपना सारा राज्य रघुनाथ जी को सौंप कर स्वयं देवता का केवल ‘ छड़ीबरदार ' बनकर राज्य करने लगा था।
- कहते हैं कि राजा जगत सिंह किसी रोग से पीड़ित था अत: साधु ने उसे इस रोग से मुक्ति पाने के लिए रघुनाथ जी की स्थापना की तथा उस अयोध्या से लाई गई मूर्ति के कारण राजा धीरे-धीरे स्वस्थ होने लगा और उसने अपना संपूर्ण जीवन एवं राज्य भगवान रघुनाथ को समर्पित कर दिया.
- असाध्य रोग से ग्रसित राजा जगत सिंह को झीड़ी के एक पयोहारी बाबा किशनदास ने सलाह दी कि वह अयोध्या के त्रेतानाथ मंदिर से भगवान राम चंद्र, माता सीता और रामभक्त हनुमान की मूर्ति लाकर कुल्लू के मंदिर में स्थापित करके अपना राज-पाट भगवान रघुनाथ को सौंप दे तो उन्हंे ब्रह्म हत्या के दोष से मुक्ति मिल जाएगी।