लहरों के राजहंस वाक्य
उच्चारण: [ lheron k raajhens ]
उदाहरण वाक्य
- मोहन राकेश के नाटक अषाढ़ का एक दिन, ' आधे अधूरे ' और लहरों के राजहंस उसी वक्त की रचना है, जब तिकड़ी हिन्दी साहित्य में नई कहानी को स्थापित कर रही थी।
- लहरों के राजहंस में एक ऐसे कथानक का नाटकीय पुनराख्यान है जिसमें सांसारिक सुखों और आध्यात्मिक शांति के पारस्परिक विरोध तथा उनके बीच खड़े हुए व्यक्ति के द्वारा निर्णय लेने का अनिवार्य द्वन्द्व निहित है।
- ‘ आषाढ़ का एक दिन ', ‘ आधे-अधूरे ', ‘ लहरों के राजहंस ' जैसे नाटकों और उनकी लिखी सैकड़ों उम्दा कहानियों में स्त्री-पुरुष के संबंधों का एक अनूठा जाल बुना गया है।
- लहरों के राजहंस में और भी जटिल प्रश्नों को उठाते हुए जीवन की सार्थकता, भौतिक जीवन और अध्यात्मिक जीवन के द्वन्द, दूसरों के द्वारा अपने मत को दुनिया पर थोपने का आग्रह जैसे विषय उठाये गए हैं.
- मदन मेहरा फरवरी के प्रथम सप्ताह में ‘ बाबा इन्टरटेनमेंट नैनीताल ' के बैनर तले मोहन राकेश के नाटक ‘ लहरों के राजहंस ' का मंचन लगातार तीन दिन तक शैले हॉल नैनीताल के प्रेक्षागृह में किया गया।
- लहरों के राजहंस में और भी जटिल प्रश्नों को उठाते हुए जीवन की सार्थकता, भौतिक जीवन और अध्यात्मिक जीवन के द्वन्द, दूसरों के द्वारा अपने मत को दुनिया पर थोपने का आग्रह जैसे विषय उठाये गए हैं।
- गंभीर नाटक होने के कारण इन सभी प्रस्तुतियों का महत्व था तथापि, इनमें ‘ लहरों के राजहंस ', शुतुरमुर्ग ', एवं ‘ इन्द्रजीत ' तथा ‘ आधे-अधूरे ' विभिन्न दृष्टियों से विशेष महत्वपूर्ण एवं उल्लेखनीय हैं।
- राकेश के नाटकों के बारे में यह एक दिलचस्प तथ्य है कि ‘ लहरों के राजहंस ' को वह पहले से लिख रहे थे, किन्तु ‘ अषाढ़ का एक दिन ' बीच में आया और उससे पहले पूरा हो गया।
- पारिवारिक विघटन की प्रमुख रचनाओं में एक और जिन्दगी, गुंझल, सुहागिनें (कहानी) अंधेरे बंद कमरे, न आने वाला कल, अन्तराल (उपन्यास) तथा नाटकों में आधे-अधूूरे, आषाढ़ का एक दिन एवं लहरों के राजहंस में विशेष रूप से देखने को मिलता है।
- पारिवारिक विघटन की प्रमुख रचनाओं में एक और ज़िन्दगी, गुंझल, सुहागिनें (कहानी) अंधेरे बंद कमरे, न आने वाला कल, अन्तराल (उपन्यास) तथा नाटकों में आधे-अधूरे, आषाढ़ का एक दिन एवं लहरों के राजहंस में विशेष रूप से देखने को मिलता है।