वसुबंधु वाक्य
उच्चारण: [ vesubendhu ]
उदाहरण वाक्य
- जिसका अर्थ यह है कि वह अपने असली स्वरूप पर नहीं पहुचंगा. किंतु आधुनिकता के प्रसंग में स्वभावतः ही यह प्रश्न उठता है कि तब असली भारत कौनहै? वह जिसके शास्त्रकार मनु और वशिष्ठ दाशर्निक शंकर रामानुज और वल्लभाचार्य तथाकवि वाल्मीकि, कंबन और तुलसीदास हैं? अथवा वह जिसके शास्त्रकार स्वयं बुद्व, दार्शिनक नागार्जुन और वसुबंधु तथा कवि तिरूवल्लुवर, वेमन्ना और कबीर हैं? प्रश्न बड़ा ही बीहड़ है, लेकिन खैरियत यह है कि इतिहास ने उसे सुलझाकर हमारे लिएआसान कर दिया है.