विज्ञान भारती वाक्य
उच्चारण: [ vijenyaan bhaareti ]
उदाहरण वाक्य
- उद्घाटन सत्र में बोलते हुए विज्ञान भारती के संगठन सचिव जयकुमार ने कहा कि विज्ञान संचार पर बात करते हुए हमें यह भी विचार करना चाहिए कि वैदिक साहित्य कैसे आया यह कैसे विकसित हुआ।
- उद्घाटन सत्र में बोलते हुए विज्ञान भारती के संगठन सचिव जयकुमार ने कहा कि विज्ञान संचार पर बात करते हुए हमें यह भी विचार करना चाहिए कि वैदिक साहित्य कैसे आया यह कैसे विकसित हुआ।
- इसी प्रकार विज्ञान भारती, अखिल भारतीय साहित्य परिषद, राष्ट्रीय सिख संगत, अधिवक्ता परिषद, प्रज्ञा प्रवाह आदि अनेक संगठन अपने-अपने क्षेत्र में राष्ट्रीयता के भाव को पुष्ट करने में लगे हैं!
- दूसरी ओर मध्य प्रदेश सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के महानिदेशक तथा विज्ञान भारती के उपाध्यक्ष प्रमोद वर्मा ने कहा, हमने भोपाल और अन्य शहर में झुग्गियों को रौशन करने के लिए ऐसा प्रयोग किया है।
- इसके पहले महानिदेशक (मेपकास्ट) मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद डॉ. महेश शर्मा ने मेपकास्ट, विज्ञान भारती और राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय द्वारा मिलकर आयोजित किये जाने वाले भारतीय विज्ञान सम्मेलन की रूपरेखा प्रस्तुत की।
- विज्ञान (इलाहाबाद), संदर्भ (होशंगाबाद), स्रोत (भोपाल), विज्ञान चेतना (जयपुर), विज्ञान आपके लिए (गाजियाबाद), सामयिक नेहा (गोरखपुर) विज्ञान भारती प्रदीपिका (जबलपुर) ।
- वर्ष 2004 में 19 से 21 फरवरी तक राष्ट्रीय भौतिक प्रयोगशाला सभागार, पूसा, नई दिल्ली में विज्ञान भारती, स्वदेशी साइंस मूवमेंट आफ इंडिया, नई दिल्ली द्वारा तृतीय अखिल भारतीय विज्ञान सम्मेलन का आयोजन किया गया था।
- विज्ञान भारती ने राष्ट्रीय पर्यावरण एवं उर्जा विकास अभियान (एनईईडीएम) की सहायता से सूरज और सडकों के किनारे खडे खंभों पर लगे हैलोजन के प्रकाश का इस्तेमाल कर झुग्गियों को बिल्कुल मुफ्त में रौशन करने के इंडोनेशियाई फार्मूले को विकसित किया है।
- इस सन्दर्भ मे आविष्कार, विज्ञान प्रगति, इलेक्ट्रानिकी आपके लिये, विज्ञान, विज्ञान भारती, विज्ञान दूत, लोक विज्ञान, वैज्ञानिक बालक, विज्ञान डाइजेस्ट, विज्ञान गंगा, बाल स्पुतनिक, विज्ञान लोक आदि पत्रिकायें विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं।
- वर्ष 2004 में 19 से 21 फरवरी तक राष् ट्रीय भौतिक प्रयोगशाला सभागार, पूसा, नई दिल् ली में विज्ञान भारती, स् वदेशी साइंस मूवमेंट आफ इंडिया, नई दिल् ली द्वारा तृतीय अखिल भारतीय विज्ञान सम् मेलन का आयोजन किया गया था।