वीभत्स रस वाक्य
उच्चारण: [ vibhets res ]
उदाहरण वाक्य
- काचे घट जिमि डारों फोरी संकऊं मेरू मूसक जिमि तोरी में रस है-रोद्र 271 ' शोक विकल सब रोवहिं रानी, रूप शील बल तेज बखानी, करहिं विलाप अनेक प्रकारा, परहिं भूमि-तल बारहिं बारा ' में रस है-करूण 272 वीभत्स रस की परिभाषा है-वीभत्स रस का स्थायई भाव जुगुप्सा है।
- काचे घट जिमि डारों फोरी संकऊं मेरू मूसक जिमि तोरी में रस है-रोद्र 271 ' शोक विकल सब रोवहिं रानी, रूप शील बल तेज बखानी, करहिं विलाप अनेक प्रकारा, परहिं भूमि-तल बारहिं बारा ' में रस है-करूण 272 वीभत्स रस की परिभाषा है-वीभत्स रस का स्थायई भाव जुगुप्सा है।
- काव्य शास्त्र में नवरसों की बात लिखी गई है, जिसमें एक रस है वीभत्स रस जिसे नाट्यशास्त्र में वर्जित रखा है, काव्य में भी इस प्रकार के वर्णन केवल युद्ध-वर्णनों में ही आए हैं, परन्तु लगता है कि नया कुछ प्रस्तुत करने के चक्कर में हमारे साहित्यकर्मियों ने इसे अजमाया है और श्रृंगार का ऐसा वीभत्स चित्र खींचा है.
- बिल्कुल सही कहा आपने यही तो कवि की सृजनात्मकता होगी, ज़रूरत भी इसी की है,“तुम्हारी तस्वीर मेरे पर्स में” जैसे भावों से पूर्ण कविताओं की जगह अब सामाजिक समस्याओं पर आधारित कविताओं की आवश्यकता है, इस का ये मतलब हर्गिज़ नहीं कि श्रृंगार रस न लिखा जाए लेकिन उस रस को पूरी गरिमा प्रदान की जाए वरना वो वीभत्स रस लगने लगता है,
- ”…..अनामिका और पवन किरण के लिए सिर्फ यही कामना कर सकता हूँ कि भगवान् करे कि जल्दी ही पवन किरण के जननांग में कैंसर हो जाए और अनामिका के स्तनों और योनि में कैंसर हो जाए और फिर मैं इसी प्रकार की कोई वीभत्स रस की कवितायें लिख सकूँ पवन किरण के कैंसर ग्रस्त लिंग और अनामिका की कैंसर ग्रस्त योनि के लिए….!! आशा है मुझे यह कवितायेँ लिखने का अवसर शीघ्र ही मिलेगा….”
- स्नेही अलीन जी, एक बहुत ही सुलझा हुआ और विचारोत्तेजक लेख लिखने के लिए आपको बधाई! एक और गुज़ारिश है हो सके इस आँख को यहाँ से हटा दीजिये शायद आपने इसे करूँ रस की अभियक्ति के लिए लगाया हो लेकिन ये वीभत्स रस को झेलने पर मजबूर करती है जो करूँ रस से भी ज्यादा दारुण है | मेरी हार्दिक इच्छा है कि सत्य के लिए लिखने वाले की फोटो भी असली होनी चाहिए और सिर्फ आँख तो बिलकुल नहीं | शुभकामनाएं!