व्याकरणशास्त्र वाक्य
उच्चारण: [ veyaakerneshaasetr ]
उदाहरण वाक्य
- महाभाष्यकार पतंजलि ने शब्द, अर्थ और उन दोनों का संबंध तीनों नित्य है, ऐसा व्याकरणशास्त्र का दृढ़ सिद्धांत अनेक स्थानों पर नि:संदिग्ध रूप से बताया है।
- पं॰ युधिष्ठिर मीमांसक कृत ' संस्कृत व्याकरणशास्त्र का इतिहास' विश्वविद्यालयीय व्याकरण विषयक छात्रों के लिए पाठ्य-पुस्तक या साहाय्य ग्रन्थ एवं अनेक शोधकर्ताओं के लिए प्रेरणा स्रोत रहा है ।
- “संसार भर में किसी भी इतर प्राचीन अथवा अर्वाचीन भाषा का ऐसा परिष्कृत व्याकरण आज तक नहीं बना ।”-पं॰ युधिष्ठिर मीमांसक, संस्कृत व्याकरणशास्त्र का इतिहास, 4
- महाभाष्यकार पतंजलि ने शब्द, अर्थ और उन दोनों का संबंध तीनों नित्य है, ऐसा व्याकरणशास्त्र का दृढ़ सिद्धांत अनेक स्थानों पर नि: संदिग्ध रूप से बताया है।
- परन्तु उस सिद्धांत पर आने वाले आक्षेपों का समाधान और उस सिद्धांत का प्रमाणपूर्वक समर्थन संस्कृत व्याकरणशास्त्र में पहले भर्तृहरि ने ही किया और वह सिद्धांत दृढ़ रूप से स्थापित किया।
- परन्तु उस सिद्धांत पर आने वाले आक्षेपों का समाधान और उस सिद्धांत का प्रमाणपूर्वक समर्थन संस्कृत व्याकरणशास्त्र में पहले भर्तुहरि ने ही किया और वह सिद्धांत दृढ़ रूप से स्थापित किया।
- यद्यपि प्रथम कांड का शब्द सिद्धि रूप प्रक्रियात्मक व्याकरणशास्त्र के साथ कोई भी साक्षात् संबंध मालूम नहीं होता है, फिर भी व्याकरणशास्त्र की तत्व प्रणाली इस प्रथम कांड में दी गई है।
- यद्यपि प्रथम कांड का शब्द सिद्धि रूप प्रक्रियात्मक व्याकरणशास्त्र के साथ कोई भी साक्षात् संबंध मालूम नहीं होता है, फिर भी व्याकरणशास्त्र की तत्व प्रणाली इस प्रथम कांड में दी गई है।
- यद्यपि प्रथम कांड का शब्द सिद्धि रूप प्रक्रियात्मक व्याकरणशास्त्र के साथ कोई भी साक्षात् संबंध मालूम नहीं होता है, फिर भी व्याकरणशास्त्र की तत्व प्रणाली इस प्रथम कांड में दी गई है।
- यद्यपि प्रथम कांड का शब्द सिद्धि रूप प्रक्रियात्मक व्याकरणशास्त्र के साथ कोई भी साक्षात् संबंध मालूम नहीं होता है, फिर भी व्याकरणशास्त्र की तत्व प्रणाली इस प्रथम कांड में दी गई है।