श्याम मनोहर वाक्य
उच्चारण: [ sheyaam menoher ]
उदाहरण वाक्य
- उपस्थित होने वालों की अहम् भूमिका थी, जिसमें विदेश में रहने वाले हिन्दी रचनाकारों में डॉ. श्याम मनोहर पाण्डेय, उमेश अग्निहोत्री, दिव्या माथुर, उषा राजे सक्सेना, शैल अग्रवाल, राजी सेठ, और स्वयं मैं और अन्य थे.
- इस अवसर पर वाराणसी के पंचगंगा घाट स्थित श्री मठ के आचार्य स्वामी रामनरेशाचार्य जी और गोपाल मंदिर प्रसिद्ध वैष्णव पीठ के आचार्य आदरणीय श्याम मनोहर जी महाराज मुख्य अतिथि के रूप में मंच पर विराजमान थे।
- हाड़ौती किसान यूनियन के प्रवक्ता श्याम मनोहर हरित ने बताया कि हाड़ौती किसान यूनियन, जिला सर्वोदय मण्डल, सर्व सेवा संघ के संयुक्त तत्वाधान में महात्मा गांधी के साहित्य की एक पुस्तक प्रदर्शनी का शुभारंभ किया गया है।
- कार्यक्रम के आरंभ में विश्वविद्यालय की उपकुलपति प्रो. डॉ. श्रीमती लीडा बिगानोनी ने डॉ, श्याम मनोहर पांडेय, तथा अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा, ‘ नेपुल्स ओरियँटल विश्वविद्यालय डॉ पांडेय का सदा ऋणी रहेगा।
- अन्य वक्ताओं में श्याम मनोहर सिंह, दिलीप गुप्ता, अनिल शर्मा, सुजाता श्रीवस्तव, मुन्नालाल, विनोट जाटव, ब्रज उपहार के सम्पादक मुकेश अग्रवाल, दैनिक आज के पत्रकार गोपाल शर्मा, सुभाष सैनी आदि प्रमुख थे।
- रविन्द्र कुमार जायसवाल, जुगलकिशोर जायसवाल, अश्विनी साहू, सुनेत जायसवाल, अतुल साहू, अमित कुमार साहू, शोभाराम पालके, लवकुमार जायसवाल, सूर्यकांत साहू, श्याम मनोहर जायसवाल आदि ऐसे नाम हैं, जिन्हें देखकर गांव के युवा फौज में जाने की प्रेरणा पा रहे हैं।
- इस समारोह में हिंदी समिति के अध्यक्ष पद्मेश गुप्त, नेहरू केंद्र के निदेशक मोनिका मोहता, हिंदी समिति की उपाध्यक्ष उषा राजे सक्सेना, सीनियर प्रोग्राम मैनेजर दिव्या माथुर, डॉ. सत्येंद्र श्रीवास्तव और श्याम मनोहर पांडेय उपस्थित थे।
- उपस्थित होने वालों की अहम् भूमिका थी, जिसमें विदेश में रहने वाले हिन्दी रचनाकारों में डॉ. श्याम मनोहर पाण्डेय, उमेश अग्निहोत्री, दिव्या माथुर, उषा राजे सक्सेना, शैल अग्रवाल, राजी सेठ, और स्वयं मैं और अन्य थे.
- अंतर्राष्ट्रीय परिसंवाद के प्रवासी साहित्य की अवधारणा पर केंद्रित प्रथम सत्र में डॉ. रामजी तिवारी (पूर्व हिन्दी विभागाध्यक्ष, मुंबई विश्वविद्यालय), डॉ. श्याम मनोहर पाण्डेय (पूर्व प्रोफ़ेसर, ओरिएंटल विश्वविद्यालय), श्री सुंदरचंद ठाकुर (सम्पादक, नवभारत टाइम्स) ने महत्वपूर्ण विचार रखे।
- अंतर्राष्ट्रीय परिसंवाद के प्रवासी साहित्य की अवधारणा पर केंद्रित प्रथम सत्र में डॉ. रामजी तिवारी (पूर्व हिन्दी विभागाध्यक्ष, मुंबई विश्वविद्यालय), डॉ. श्याम मनोहर पाण्डेय (पूर्व प्रोफ़ेसर, ओरिएंटल विश्वविद्यालय), श्री सुंदरचंद ठाकुर (सम्पादक, नवभारत टाइम्स) ने महत्वपूर्ण विचार रखे.