संथाली भाषा वाक्य
उच्चारण: [ senthaali bhaasaa ]
उदाहरण वाक्य
- ज्ञातव्य है कि झारखंड में नौ आदिवासी एवं क्षेत्रीय भाषाओं को द्वितीय राज्यभाषा का दर्जा दिया है और संथाली भाषा भी संविधान के आठवीं अनुसूची में शामिल है फिर भी झारखंड में इसे उचित सम्मान नहीं दिया जा रहा है।
- संथाली भाषा के प्रमुख साहित्यकार भागवत मुर्म जिन्हें 16 मार्च 1985 को पद्मश्री से तत्कालीन राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह ने विभूषित किया था, उन्होंने संथाली भाषा में रामायण तो लिखी, लेकिन अपने जीवनकाल में उसे प्रकाशित नहीं कर सके।
- संथाली भाषा के प्रमुख साहित्यकार भागवत मुर्म जिन्हें 16 मार्च 1985 को पद्मश्री से तत्कालीन राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह ने विभूषित किया था, उन्होंने संथाली भाषा में रामायण तो लिखी, लेकिन अपने जीवनकाल में उसे प्रकाशित नहीं कर सके।
- भाषा के सेमिनार में जमकर हुआ हंगामा ऑल इंडिया संथाल इंटलेक्चुअल लिट्रेसी फोरम (एआईएसआईएलएफ) द्वारा घाटशिला कॉलेज में संथाली भाषा और संस्कृति की दशा-दिशा गोल्फ और तैराकी का ले सकते हैं मजा हिन्दुस्तान कॉपर लिमिटेड ने मऊभंडार स्थित ऐतिहासिक 9 हॉल गोल्फ कोर्स एवं स्वीमिंग पूल को किसी प्राइवेट कंपनी को लीज प
- अतः यहाँके लोगों के पास सिवाय विरोध के कोई रास्ता नहीं बचता क्योकि सरकार इनकी उन मांगों को भी लागू नहीं कर पा रही है जो मूलभूत अधिकारों के तहत मिलनी चाहिये जिसमे रोजगार, संथाली भाषा और संस्कृति को बढ़ावा दिया जाना, व बेहतर स्वास्थ, शिक्षा, व कृषि की सुविधा जैसी १३ मांगे शामिल हैं.
- अतः यहाँके लोगों के पास सिवाय विरोध के कोई रास्ता नहीं बचता क्योकि सरकार इनकी उन मांगों को भी लागू नहीं कर पा रही है जो मूलभूत अधिकारों के तहत मिलनी चाहिये जिसमे रोजगार, संथाली भाषा और संस्कृति को बढा़वा दिया जाना, व बेहतर स्वास्थ, शिक्षा, व कृषि की सुविधा जैसी १३ मांगे शामिल हैं.
- नंदलाबोस की पटुआ शैली की पेंटिंग पर आधारित एक खुशहाल दंपति को दर्शाता कंडोम के इस्तेमाल के लिये प्रेरित करने वाला पोस्टर, प्रवासी मजदूरों को असुरक्षित यौन संबंधों से आगाह करने वाली संथाली भाषा में रचित कहानी आदि ऐसे ही माध्यम हैं जो अब इस जानलेवा बीमारी के प्रति लोगों को आगाह करने के लिए अपनाए जा रहे हैं।
- नंदलाबोस की पटुआ शैली की पेंटिंग पर आधारित एक खुशहाल दंपति को दर्शाता कंडोम के इस्तेमाल के लिये प्रेरित करने वाला पोस्टर, प्रवासी मजदूरों को असुरक्षित यौन संबंधों से आगाह करने वाली संथाली भाषा में रचित कहानी आदि ऐसे ही माध्यम हैं जो अब इस जानलेवा बीमारी के प्रति लोगों को आगाह करने के लिए अपनाए जा रहे हैं।
- अतः यहाँके लोगों के पास सिवाय विरोध के कोई रास्ता नहीं बचता क्योकि सरकार इनकी उन मांगों को भी लागू नहीं कर पा रही है जो मूलभूत अधिकारों के तहत मिलनी चाहिये जिसमे रोजगार, संथाली भाषा और संस्कृति को बढ़ावा दिया जाना, व बेहतर स्वास्थ, शिक्षा, व कृषि की सुविधा जैसी १ ३ मांगे शामिल हैं.