सन्त रैदास वाक्य
उच्चारण: [ sent raidaas ]
उदाहरण वाक्य
- इन्हीं गुणों के कारण सन्त रैदास को अपने समय के समाज में अत्यधिक सम्मान मिला और इसी कारण आज भी लोग इन्हें श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हैं।
- इन्हीं गुणों के कारण सन्त रैदास को अपने समय के समाज में अत्याधिक सम्मान मिला और इसी कारण आज भी लोग इन्हें श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हैं।
- इसी प्रकार सन्त रैदास को मीरां द्वारा गुरू रूप में स्वीकार किये जाने की जनश्रुति भी रैदास की महत्ता बढाने के लिये गढी ग़ई प्रतीत होती है।
- इसी प्रकार सन्त रैदास को मीरां द्वारा गुरू रूप में स्वीकार किये जाने की जनश्रुति भी रैदास की महत्ता बढाने के लिये गढी ग़ई प्रतीत होती है ।
- कबीर की वाणी में जहाँ आक्रोश की अभिव्यक्ति है, वहीं दूसरी ओर सन्त रैदास की रचनात्मक दृष्टि दोनो धर्मो को समान भाव से मानवता के मंच पर लाती है।
- कबीर की वाणी में जहाँ आक्रोश की अभिव्यक्ति है, वहीं दूसरी ओर सन्त रैदास की रचनात्मक दृष्टि दोनो धर्मो को समान भाव से मानवता के मंच पर लाती है।
- एक ओर वे भगवान कृष्ण की अनन्य प्रेमिका के साथ ब्रज गोपी का अवतार मानी गईं तो दूसरी ओर उन्हें ज्ञान प्राप्ति के लिये काशी के चौक में सन्त रैदास को गुरू बनाते भी दिखाया गया।
- एक ओर वे भगवान कृष्ण की अनन्य प्रेमिका के साथ ब्रज गोपी का अवतार मानी गईं तो दूसरी ओर उन्हें ज्ञान प्राप्ति के लिये काशी के चौक में सन्त रैदास को गुरू बनाते भी दिखाया गया ।
- वास्तव में सन्त रैदास का जीवन हम सबके लिए अनुकरणीय है जो जहाँ भी है जैसे भी है अपने मन को पवित्र करता चले अपना कार्य र्इमानदारी और लगन से करता चलें तभी मन की पवित्रता सम्भव हैं।
- वर्णाश्रम धर्म को समूल नष्ट करने का संकल्प, कुल और जाति की श्रेष्ठता की मिथ्या सिद्धि सन्त रैदास द्वारा अपनाये गये समन्वयवादी मानवधर्म का ही एक अंग है जिसे उन्होंने मानवतावादी समाज के रूप में संकल्पित किया था।