सम्यक् ज्ञान वाक्य
उच्चारण: [ semyek jenyaan ]
उदाहरण वाक्य
- सम्यक् दर्शन एवं सम्यक् ज्ञान की प्राप्ति के पश्चात सम्यक् चारित्र की प्राप्ति की जा सकती है।
- यह है संकीर्तन अर्थात किसी वस्तु का प्रभावक वर्णन-विवरण, जिससे बोधव्य को उसका सम्यक् ज्ञान हो जाए।
- सम्यक् ज्ञान और सम्यक् दर्शन की आचरण में अभिव्यक्ति से ही व्यक्ति “ भूषण ” दिखाई पड़ता है।
- ग्रन्थ का मुख्य उद्देश्य वेदान्त में रुचि रखने वाले व्यक्तियों को उसका सुखपूर्वक सम्यक् ज्ञान कराना ही है।
- समाज का सम्यक् ज्ञान, इतिहास, दर्शन, संस्कृति, समाजशास्त्र, अर्थशास्त्र एवं मनुष्य-शरीर-रचना-शास्त्र के अध्ययन के बिना संभव नहीं है।
- बिन्दुओंको रत्नत्रय (सम्यक्दर्शन, सम्यक् ज्ञान और सम्यक् चरित्र) तथा मध्यस्थस्थान को वे मुक्ति का स्थान अर्थात् सिद्धिशाला कहते हैं.
- जैन धर्म में जीवन के लिए तीन ही रत्न हैं. (१) सम्यक् दर्शन (२) सम्यक् ज्ञान (३) सम्यक् चारित्र्य.
- योगपथ पर चलने वाले साधकों के लिए सम्यक् ज्ञान का यह तीसरा स्रोत सबसे अधिक मत्त्वपूर्ण एवं व्यावहारिक है।
- जब रोगविज्ञान विकृतिविज्ञान, द्रव्यगुण विज्ञान इत्यादि विषयों के सम्यक् ज्ञान पर चिकित्सा अधिष्ठित होती है तब उसे युक्तिमूलक (
- इसी से जैन मत का मोक्षमार्ग रत्न-त्रय पर आधारित है-सम्यक् दर्शन (सही श्रद्घा), सम्यक् ज्ञान तथा सम्यक् चरित्र (सही आचार)।