साध्वी ऋतम्भरा वाक्य
उच्चारण: [ saadhevi ritembheraa ]
उदाहरण वाक्य
- बाबा रामदेव से गलती ये हुई कि वे अन्ना हजारे की तरह अपने आंदोलन को राजनेताओं से बचा नहीं पाए और जमाने में देशभर में सांप्रदायिक जहर उगलने वाली साध्वी ऋतम्भरा को ही मंच पर बैठा दिया।
- अभी तक समपन्न 6 हिन्दी महोत्सवों में भारत से बाबा रामदेव, श्रीमती किरण बेदी, श्री वेद प्रताप वैदिक, साध्वी ऋतम्भरा, श्री नितिश भारद्वाज और लाफ्टर चैम्पियन राजू श्रीवस्तव अतिथि के रूप में आ चुके हैं।
- सभा में युगपुरूश परमानन्द जी महाराज की शिश्या एवं साध्वी ऋतम्भरा जी की गुरूबहन साध्वी निरंजन ज्योति जी ने आजम खॉं को आडे हाथों लिया, बताया कश्मीर के बारे उनका दिया गया बयान भारत की अखण्डता के लिए खतरनाक है।
- उनके द्वारा पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ असंसदीय भाषा का इस्तेमाल किया जाना, उनका साध्वी ऋतम्भरा का मंच पर स्वागत करना (साध्वी ने 1992 में बाबरी मस्जिद ढहाए जाने के दौरान मुस्लिमों के खिलाफ ज़हरीली भाषा का इस्तेमाल किया था)
- सीबीआई का स्पष्ट कहना था कि इन आठ नेताओं-आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती, विनय कटियार, अशोक सिंघल, गिरिराज किशोर, विष्णु हरि डालमिया और साध्वी ऋतम्भरा-इनके मुकदमे को बाकी अभियुक्तों के मुकदमे से अलग करना बिल्कुल अनुचित है।
- न्यायालय में दिये अपने बयान में उन्होंने कहा कि लालकृष्ण आडवाणी के अलावा मुरली मनोहर जोशी, विनय कटियार, उमा भारती के अलावा साध्वी ऋतम्भरा भी वहां उपस्थित थीं और इन लोगों ने भी बार-बार दोहराया कि प्रस्तावित राम मंदिर ठीक उसी जगह बनेगा.
- ढांचा टूटने के बाद पहली एफआईआर 41 लोगों के खिलाफ थी, उनमें लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती, विनय कटियार, अशोक सिंघल, गिरिराज किशोर, विष्णु हरि डालमिया, परमहंस और साध्वी ऋतम्भरा के नाम नहीं थे।
- ये वही साध्वी ऋतम्भरा हैं जिनकी सिंह गर्जना ने 1989-90 के श्रीराम मन्दिर आन्दोलन को ऊर्जा प्रदान की थी, परन्तु उसी आक्रामक सिंहनी के भीतर वात्सल्य से परिपूर्ण स्त्री का ह्रदय भी है जो सामाजिक संवेदना के लिये द्रवित होता है.
- राम शिलाओं ने गाँव-गाँव में रामनाम की धूम मचा दी थी और बाबरी मस्जिद के ध्वंस के बाद मारुति वैन में साध्वी ऋतम्भरा के भड़कीले कैसेट लगाये, माथे पर भगवा पट्टा लपेटे शहर भर में घूमने वाले रामभक्त अपने प्रोफेसरों की ही ठुकाई करने लगे थे।
- राम शिलाओं ने गाँव-गाँव में रामनाम की धूम मचा दी थी और बाबरी मस्जिद के ध्वंस के बाद मारुति वैन में साध्वी ऋतम्भरा के भड़कीले कैसेट लगाये, माथे पर भगवा पट्टा लपेटे शहर भर में घूमने वाले रामभक्त अपने प्रोफेसरों की ही ठुकाई करने लगे थे।