सिद्धार्थ शंकर रे वाक्य
उच्चारण: [ sidedhaareth shenker r ]
उदाहरण वाक्य
- पूरे देश में तो आपातकाल जून 1975 में लगा, लेकिन बंगाल में नक्सलवादियों के दमन के नाम पर यन्त्राणा, फ़र्ज़ी मुठभेड़ों के ज़रिये फ़ासिस्ट पुलिस राज्य सिद्धार्थ शंकर रे ने 1972 में ही क़ायम कर दिया था।
- यह इतिहास का स्मरणीय तथ्य है कि सिद्धार्थ शंकर रे के शासनकाल के पहले, गृह एवं पुलिस मन्त्राालय सँभालते हुए नक्सलवाद के दमन के नाम पर पुलिस राज्य क़ायम करने का काम ज्योति बसु ने भी किया था।
- (पश्चिम बंगाल के पूर्व सीएम आैर सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ शंकर रे, भाजपा के वरिष्ठ नेता तथा सुप्रीम कोर्ट के वकील रवि शंकर प्रसाद भी शामिल)-89 गवाहों के 14,036 पृष्ठ के बयान दर्ज हुए।
- बाद में यही नुस्खा आजमा कर वर्ष 1971 में मुख्य मंत्री बने सिद्धार्थ शंकर रे ने मुसलमानों का दिल जीता जब एक समय में कलकत्ता शहर में तीन ए. स ी. पी पुलिस मुस्लिम समुदाय के उन्होंने तैनात कर दिए।
- दूसरी तरफ पश्चिम बंगाल को देखे तो सिद्धार्थ शंकर रे की कांग्रेस की आखिरी सरकार के बाद से अब तक, वहां वामपंथी दलों के सरकार में रहते हुए, उनकी संस्कृति के कारण राज्य में राजनीतिक जागरुकता काफी रही है।
- सिद्धार्थ शंकर रे को याद करने के साथ ही उन्होंने कुछ बातें आपातकाल के बारे में लिखी है..... आप भी पढ़ें.... ” उसी दौरान श्रीमती गांधी ने आपातकाल की घोषणा कर दी और विपक्ष के सभी नेताओं को जेल में डाल दिया।
- ३ ० बजे रात को श्रीमती इंदिरा गांधी सिद्धार्थ शंकर रे के साथ वाहन में बैठ कर आतंरिक आपातकाल घोषित करने के अपने महत्वपूर्ण निर्णय के सम्बन्ध में राष्ट्रपति को अनौपचारिक तौर पर सूचित करने के लिए गयी थी | रात के ११.
- अब यह बिल्कुल साफ हो गया है कि इंदिरा गांधी और सिद्धार्थ शंकर रे ने शहरी गुरिल्लाओं के इस हथकंडे को ' श्वेत आतंक ' के लिए इस्तेमाल किया, जिसने माओवादियों के खात्मे के साथ-साथ 1971 से 1977 तक माकपा को निष्क्रिय कर दिया।
- पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्य मंत्री और वरिष्ठ अधिवक्ता सुप्रीम कोर्ट, सिद्धार्थ शंकर रे को स्मरण करने और उनको श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए इस्लामिया कॉलेज में एक शोक सभा आयोजित की गयी जिसकी अध्यक्षता चौधरी शर्फुद्दीन वरिष्ठ उपाध्यक्ष अन्जुमन इस्लाहुल मुस्लिमीन और मुमताज़ पीजी कॉलेज ने की।
- पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्य मंत्री और वरिष्ठ अधिवक्ता सुप्रीम कोर्ट, सिद्धार्थ शंकर रे को स्मरण करने और उनको श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए इस्लामिया कॉलेज में एक शोक सभा आयोजित की गयी जिसकी अध्यक्षता चौधरी शर्फुद्दीन वरिष्ठ उपाध्यक्ष अन्जुमन इस्लाहुल मुस्लिमीन और मुमताज़ पीजी कॉलेज ने की।