सुधीर तैलंग वाक्य
उच्चारण: [ sudhir tailenga ]
उदाहरण वाक्य
- पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित सुधीर तैलंग ने कहा कि राष्ट्रपति का पद हो या किसी और का जिस किसी पद की भी गरिमा पर आंच आएगी वो खुद ब खुद कार्टूनिस्ट के ब्रश के दायरे में आ जाएगा।
- आज ट्विटर पर मशहूर कार्टूनिस्ट श्री सुधीर तैलंग जी के ट्वीट से पता चला कि मशहूर अभिनेता श्रीवल्लभ व्यास जी पिछले कुछ सालों से लकवाग्रस्त हो बीमार चल रहे है और फिलहाल जयपुर मे एसएमएस हॉस्पिटल के आईसीयू मे है!
- और जिस तरह अर्णव, सुहैल सेठ व सुधीर तैलंग इस महाड्रामे के किए जाने पर हंस रहे थे, उनकी बॉडी लैंग्वेज टीवी के स्क्रीन के जरिए दर्शकों तक इस घटना के हास्यास्पद होने का अद्भुत संदेश भेज रहा था.
- कुछ नाम तो हम ले ही सकते हैं, आरके लक्ष् मण, सुधीर तैलंग, कीर्तीश भट्ट, इरफान, पवन … लेकिन राजनीतिक रूप से हमारे समाज में इनके कार्टूनों ने कोई बड़ा हस् तक्षेप किया हो, हमें नहीं मालूम।
- उत्तर: कार्टूनिंग भारत में स्थापित है या नहीं इस बात पर प्रश्न खड़ा करना शंकर, लक्ष्मण, मिरांडा, सुधीर दर, आबित सुरती, सुधीर तैलंग, केशव सहित अन्य भाषाओँ में काम करने वाले सैंकड़ों कार्टूनिस्टों के काम का अपमान होगा।
- बीबीसी न्यूज मे हमने कार्टूनिस्ट सुधीर तैलंग को पढ़ा उन्होने अपनी एक लाईन मे लिखा था कि “ जब बीजेपी नेता और भारत के पूर्व विदेश मंत्री जसवंत सिंह पाकिस्तान स्थित चरमपंथियों के बदले अगवा किए गए जहाज़ के मुसाफिरों के साथ कंधार से वापस आए तो मैंने उन पर एक कार्टून बनाया.
- मांड गायन को नई ऊंचाइयां देने वाली अल् लाह जिलाई बाई, उस् ता कला के महारथी मोहम् मद हनीफ, साहित् यकार चिंतक नंदकिशोर आचार्य, हरीश भादानी व मालचंद तिवाड़ी, शूटर डा करणी सिंह, फुटबालर मगन सिंह राजवी, अर्थशास् त्री विजयशंकर व् यास, कार्टूनिस् ट सुधीर तैलंग …..
- कार्टून वॉच के प्रधान संपादक पं. मृत्युंजय शर्मा ने कार्टून वॉच द्वारा दिये गए पिछले सम्मानों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इससे पहले श्री आर. के. लक्ष्मण, श्री सुधीर तैलंग, श्री आबिद सुरती, श्री प्राण, श्री राजेन्द्र धोड़पकर, श्री एच. एम. सदून, श्री सुरेश सावंत और श्याम जगोता को ‘ लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड ' से नवाज़ा जा चुका है।
- काटूर्निस्ट सुधीर तैलंग ने उनके निधन पर सही ही कहा कि एक ऐसे दौर में जब लोग हंसना भूल गए हैं और कार्टून और व्यंग्य की दूसरी विधाओं के जरिए सिस्टम के खिलाफ मोर्चा खोल रहे लोग शासन के कोप का शिकार हो रहे हैं, भट्टी की हास्य-व्यंग्य शैली का अनोखापन न सिर्फ उन्हें लोकप्रिय बनाए हुए था बल्कि वे अपनी बातों को लोगों तक पहुंचाने में सफल भी हो रहे थे।