होला मोहल्ला वाक्य
उच्चारण: [ holaa mohellaa ]
उदाहरण वाक्य
- आदेश में कहा गया है कि पांवटा में बुधवार को होला मोहल्ला के दौरान दो गुटों के नवयुवकों के बीच झड़पों के बाद हुए दंगों के मद्देनजर सरकारी तथा निजी संपति […]
- इसके अतिरिक्त महाराष्ट्र की रंग पंचमी में सूखा गुलाल खेलने, गोवा के शिमगो में जलूस निकालने के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन तथा पंजाब के होला मोहल्ला में सिक्खों द्वारा शक्ति प्रदर्शन की परंपरा है।
- इसके अतिरिक्त महाराष्ट्र की रंग पंचमी में सूखा गुलाल खेलने, गोवा के शिमगो में जलूस निकालने के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन तथा पंजाब के होला मोहल्ला में सिक्खों द्वारा शक्ति प्रदर्शन की परंपरा है।
- जनता से पांचवीं बार मुख्यमंत्री बनने का फरमान लेकर होला मोहल्ला में सियासी कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए प्रकाश सिंह बादल ने कहा कि वाहेगुरु शक्ति दें, ताकि वह जनता की और सेवा कर सकें।
- इसके अतिरिक्त महाराष्ट्र की रंग पंचमी [18] में सूखा गुलाल खेलने, गोवा के शिमगो [19] में जलूस निकालने के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन तथा पंजाब के होला मोहल्ला [20] में सिक्खों द्वारा शक्ति प्रदर्शन की परंपरा है।
- इसके अतिरिक्त महाराष्ट्र की रंग पंचमी [१८] में सूखा गुलाल खेलने, गोवा के शिमगो [१९] में जलूस निकालने के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन तथा पंजाब के होला मोहल्ला [२०] में सिक्खों द्वारा शक्ति प्रदर्शन की परंपरा है।
- यहां के कुछ प्रमुख पर्व और मेले निम्नवत हैं-बैसाखी मेला, भटिंडा (अप्रैल) फतेहगढ़ साहिब जोर मेला (दिसम्बर) माघी मेला (मुक्तसर) (जनवरी) होला मोहल्ला, आंनदपुर साहिब छप्पर मेला, छप्पर डेरा बाबा नानक मेला, गुरुदासपुर (जनवरी के द्वितीय सप्ताह में) ।
- भारत भर के सभी प्रान्तों में यह नव-वर्ष विभिन्न नामों से मनाया जाता है जो दिशा व स्थानानुसार सदैव मार्च-अप्रेल के माह में ही पड़ता है | गुड़ी पड़वा, होला मोहल्ला, युगादि, विशु, वैशाखी, कश्मीरी नवरेह, उगाडी, चेटीचंड, चित्रैय तिरुविजा आदि सभी की तिथि इस नव संवत्सर के आसपास ही आती है।
- दशहरा, दिवाली और होली के अलावा यहां अन्य प्रमुख त्योहार / मेले हैं-मुक्तसर में माघी मेला, किला रायपुर में ग्रामीण खेल, पटियाला में बसंत, आनंदपुर साहिब में होला मोहल्ला, तलवंडी साबू में बैसाखी, सरहिंद में रोजा शरीफ पर उर्स, छप्पर में छप्पर मेला, फरीदकोट में शेख फरीद आगम पर्व, गांव रामतीरथ में रामतीरथ, सरहिंद में शहीदी जोर मेला, हर-बल्लभ संगीत और सम्मेलन जालंधर में बाबा सोदाल आदि।