आस्रव वाक्य
उच्चारण: [ aaserv ]
उदाहरण वाक्य
- और चौथा आस्रव है-अविद्यास्राव-मैं हूँ।
- कर्मों की आमद को आस्रव कहतें हैं।
- केवल योग जन्य आस्रव भाव होता है।
- कर्मों की आमद को आस्रव कहतें हैं।
- आस्रव होने से बंध (संसार) होता है।
- मानस वाणी और काया से, आस्रव का द्वार खुला रहता।
- यह “ आस्रव ” कहलाता है।
- भक्त में ये ४ आस्रव नहीं होने चाहि ए..
- बुध्द के शिष्य एकदान ये ४ आस्रव से रहीत थे..
- बंधनमुक्त (मोक्ष) होने के लिये आस्रव का रूकना (संवर) आवश्यक है।
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