उपयोगितावादी वाक्य
उच्चारण: [ upeyogaitaavaadi ]
"उपयोगितावादी" अंग्रेज़ी में
उदाहरण वाक्य
- Jeremy Bentham, the great utilitarian philosopher,
जेरेमी बेनतम, महान उपयोगितावादी के दार्शनिक, - The interior decorator of our new house had such a utilitarian philosophy that she did not put any decorative object in the house unless it was genuinely useful.
हमारे नए घर की सज्जाकार इतनी उपयोगितावादी थी कि उन्होंने घर में सजावट की कोई भी वस्तु तभी काम में ली जब उस वस्तु की वास्तव में कुछ उपयोगिता थी। - Palestinian Arab denial of the Jewish connection to Jerusalem has two likely long-term implications. First, it suggests that the Palestinian Arab focus on Jerusalem has reached such a fervor that it might now sustain itself regardless of politics, thereby breaking a 14-century pattern. Jerusalem appears to have developed into an abiding Muslim interest, one generating feelings of entitlement no longer related to utilitarian considerations.
जेरूसलम से यहूदियों के सम्पर्कों का इन्कार करने के दो सम्भावित दीर्घकालिक परिणाम होने वाले हैं. पहला तो ऐसा प्रतीत होता है कि जेरूसलम के प्रति फिलीस्तीनियों का ध्यान इस जुनून तक पहुँच गया है कि वे 14 शताब्दियों की परिपाटी को तोड़कर राजनीति से परे भी इस विषय पर स्वयं को स्थाई रख सकते हैं. जेरूसलम के प्रति मुसलमानों ने ऐसी रूचि विकसित कर ली है कि उनमें स्वामित्व की भावना उत्पन्न हो रही है जो उपयोगितावादी प्रतिफल से कहीं भी जुड़ी नहीं है. - Muslim Zionism, by contrast, has a conditional and erratic history, one based on an instrumental view of the city . Each time Jerusalem has emerged as a focal point of Muslim religious and political interest since the seventh century, it has been in response to specific utilitarian needs. When Jerusalem served Muslim theological or political purposes, the city grew in Muslim esteem and emotions. When those needs lapsed, Muslim interest promptly waned. This cyclical pattern has repeated itself six times over 14 centuries.
इसके विपरीत मुस्लिम इजरायलवाद का इतिहास सशर्त और अनियमित है जो इस शहर की उपयोगिता पर आधारित है. सातवीं शताब्दी से जब भी जेरूसलम मुस्लिम धार्मिक और राजनीतिक हित के केन्द्रबिन्दु के रूप में उभरा है तो यह उपयोगितावादी प्रतिक्रया स्वरूप रहा है. जब जेरूसलम से मुस्लिम धार्मिक या राजनीतिक उद्देश्यों की पूर्ति हुई है तो यह शहर मुसलमानों की श्रद्धा और भावना का कारण बना. जब ये आवश्यकतायें नहीं रहीं तो मुसलमानों की रूचि भी समाप्त हो गई.14 शताब्दियों में छह बार इस परिपाटी का चक्र घूमा है.