दश्त-ए-तन्हाई वाक्य
उच्चारण: [ deshet-e-tenhaae ]
उदाहरण वाक्य
- दश्त-ए-तन्हाई ये हिजरा में खडा सोचता हुँ,
- दश्त-ए-तन्हाई में, दूरी के खस-ओ-खाक़ तले
- दश्त-ए-तन्हाई में, ऐ जान-ए-जहाँ लरजाँ हैं
- दश्त-ए-तन्हाई में दूरी के ख़स-ओ-ख़ाक तले
- दश्त-ए-तन्हाई में ऐ जान-ए-जहाँ लरज़ा हैं
- यह भी संयोग है कि जिस नज़्म का जिक्र हुआ है (दश्त-ए-तन्हाई में, ऐ जान-ए-जहाँ लरजाँ है)
- बल्कि ज़िन्दगी के तमाम तजुर्बों से उलझते हुए, फैलते हुए दायरे का असर रखता है-दश्त-ए-तन्हाई में, ऐ जान-ए-जहाँ लरजाँ हैं
- याद दश्त-ए-तन्हाई में, ऐ जान-ए-जहान, लर्ज़ां हैं तेरी आवाज़ के साये, तेरे होठों के सराब, दश्त-ए-तन्हाई में दूरी के ख़स-ओ-ख़ाक तले खिल रहे हैं तेरे पेहलू के समन-ओ-गुलाब.
- याद दश्त-ए-तन्हाई में, ऐ जान-ए-जहान, लर्ज़ां हैं तेरी आवाज़ के साये, तेरे होठों के सराब, दश्त-ए-तन्हाई में दूरी के ख़स-ओ-ख़ाक तले खिल रहे हैं तेरे पेहलू के समन-ओ-गुलाब.
- दश्त-ए-तन्हाई में ऐ जान-ए-जहाँ लरज़ा हैं तेरी आवाज़ के साये तेरे होंठों के सराब दश्त-ए-तन्हाई में दूरी के ख़स-ओ-ख़ाक तले खिल रहे हैं तेरे पहलू के समन और गुलाब
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