वादविद्या वाक्य
उच्चारण: [ vaadevideyaa ]
उदाहरण वाक्य
- ऐसा लगता है कि गौतम से पहले न्याय का स्वरूप प्रमाणविद्या तथा वादविद्या ही था।
- ऐसा लगता है कि गौतम से पहले न्याय का स्वरूप प्रमाणविद्या तथा वादविद्या ही था।
- यथा-आन्तीक्षकी, हेतुशास्त्र, हेतुविद्या, तर्कशास्त्र, तर्कविद्या, वादविद्या, प्रमाणशास्त्र, वाकोवाक्य, तक्की, विमंसि आदि।
- यद्यपि गौतम का न्याय दर्शन भी प्रस्तुत रूप से प्रमाणविद्या तथा वादविद्या ही था तथापि गौतम ने प्रमेय पदार्थ का सविस्तार विचार करते हए ' आत्मा ' को न्याय दर्शन का एक विचार्य विषय बनाकर उसका प्रतिपादन किया।
- यद्यपि गौतम का न्याय दर्शन भी प्रस्तुत रूप से प्रमाणविद्या तथा वादविद्या ही था तथापि गौतम ने प्रमेय पदार्थ का सविस्तार विचार करते हए ' आत्मा ' को न्याय दर्शन का एक विचार्य विषय बनाकर उसका प्रतिपादन किया।