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zine मीनिंग इन हिंदी
zine उदाहरण वाक्य
उदाहरण वाक्य
- The sudden and as-yet-unexplained exit of Tunisia's strongman, Zine El Abidine Ben Ali, 74, after 23 years in power has potential implications for the Middle East and for Muslims worldwide. As an Egyptian commentator noted, “Every Arab leader is watching Tunisia in fear. Every Arab citizen is watching Tunisia in hope and solidarity.” I watch with both sets of emotions.
ट्यूनीशिया में उथल पुथल 23 वर्ष तक सत्ता में रहने के बाद ट्यूनीशिया के शक्तिशाली व्यक्ति 74 वर्षीय जाइन एल अबीदीन बेन अली द्वारा अचानक और अव्याख्यायित ढंग से अपना देश छोडने की इस घट्ना का मध्य पूर्व और मुस्लिम विश्व के लिये दूरगामी परिणाम होने वाला है। जैसा कि इजिप्ट के एक विश्लेषक ने लिखा है, “ प्रत्येक अरब नेता ट्यूनीशिया को भय से देख रहा है और प्रत्येक अरब निवासी ट्यूनीशिया को आशा और एकजुट्ता के साथ देख रहा है”। मैं इसे दोनों ही भावनाओं से देख रहा हूँ। - There, as throughout Tunisia during the era of Zine El Abidine Ben Ali, the police lorded it over civilians. In particular, they treated the produce market, where Mohammed Bouazizi sold fruit, in Fisher's colorful description, “as their personal picnic grounds, taking bagfuls of fruit without so much as a nod toward payment. The cops took visible pleasure in subjecting the vendors to one indignity after another - fining them, confiscating their scales, even ordering them to carry their stolen fruit to the cops' cars.”
ट्यूनीशिया के अन्य स्थलों की भाँति इस क्षेत्र पर भी ज़िने एल अबीदीन बेन अली के शासन काल में सामान्य नागरिकों पर पुलिस का शासन था। मार्क फिशर ने इसे अत्यंत कलात्मक ढंग से वर्णित किया है, “ विशेष रूप से वे उत्पादन बाजारों में जहाँ कि मोहम्मद बाउजीजी फल बेचा करता था अपने पिकनिक स्थल के रूप में मानते थे और बिना मूल्य चुकाये थैला भर फल ले जाते थे । पुलिसवालों को इस बात में आनंद आता था कि वे फल विक्रेताओं के साथ बुरा व्यवहार कर उन पर जुर्माना लादते थे , उनकी उत्पाद को जब्त कर लेते थे और यहाँ तक कि उनके बिके हुए फलों को भी पुलिस की कार में रखने को कहते थे” । - A military putsch? Islamists wish to repeat their success in Iran by exploiting popular unrest to take power. Tunisia's experience bears close examination for a pattern that may be repeated elsewhere. The military leadership there apparently concluded that its strongman, Zine El Abidine Ben Ali, had become too high maintenance - especially with his wife's family's flamboyant corruption - to maintain in power, so it ousted him and, for good measure, put out an international arrest warrant for his and his family's arrest. Gen. Omar Suleiman - Egypt's fifth military ruler since 1952?
सेना का वर्चस्व बढेगा: इस्लामवादी आशा रखते हैं कि ईरान की भाँति वे जनविद्रोह का लाभ उठाकर सत्ता पर नियन्त्रण स्थापित कर सकेंगे। ट्यूनीशिया में जो कुछ भी हो रहा है उसका बारीक विश्लेषण करने की आवश्यकता है क्योंकि यह अन्य क्षेत्रों में भी दुहराया जा सकता है। ट्यूनीशिया में सेना को पता लग गया कि इस देश के शक्तिशाली व्यक्ति बेन अली अपने और अपनी पत्नी के अंधाधुंध भ्रष्टाचार के चलते जनता के मध्य अलोकप्रिय हो हये हैं और उनकी अलोकप्रियता के कारण उन्हें बचाये रख पाना सम्भव नहीं हो सकेगा इसलिये सेना ने उन्हें बाहर कर दिया और इसके बाद उनके और उनके परिवार की गिरफ्तारी के लिये अंतरराष्ट्रीय वारंट भी जारी करा दिया। - A weak government since the collapse of President Zine al-Abidine Ben Ali's secular dictatorship in early 2011 has helped turn Tunisia into an Islamist militant haven in North Africa, say Western diplomats and defense officials in Tunisia. The moderate Islamist-led coalition elected to succeed Mr. Ben Ali has been slow to rein in radical Islamists, these people say. Among the veterans of global jihad now operating relatively openly in Tunisia is Seifallah ben Hassine, the head of Ansar al-Shariah, which Tunisian and Western officials have identified as the country's most worrisome militant group. Another veteran jihadist, Sami Ben Khemais Essid, has been photographed alongside Mr. Hassine at recent rallies in Tunisia. Such figures, which have strong ties to al Qaeda's North African spinoff, al Qaeda in the Maghreb, or AQIM, see the country as ideal to lay low, stockpile arms and muster new recruits. Tunisia sits at the crossroads between Libya-rich with weapons and open territory where they have set up training camps-and Algeria, AQIM's birthplace.
घनौची का अल कायदा तक पहुँचना एक व्यापक परिपाटी के अनुकूल ही है। तुर्की की सरकार अल कायदा के साथ सम्बद्ध एक संगठन आई एच एच IHH के साथ न केवल कार्य कर रही है वरन यह शीघ्र ही आतंकवाद वित्तपोषण कानून के प्रति ढीला रुख अपनाने के कारण उत्तरी कोरिया और ईरान के साथ काली सूची में शामिल हो सकता है। काउंसिल आन अमेरिकन इस्लामिक रिलेशंस वैसे तो विधिसम्मत दिखता है परंतु आतंकवादियों को समर्थन करने वालों के लिये संगठन है जिसकी स्थापना हमास के सहयोगियों ने की है। “नरमपंथी” ब्रिटिश इस्लामवादियों ने आतंकवादी घटनाओं को अपना कद बढाने के लिये प्रयोग किया।