• pyruvate |
पाइरुवेट अंग्रेज़ी में
[ pairuvet ]
पाइरुवेट उदाहरण वाक्य
उदाहरण वाक्य
अधिक: आगे- पाइरुवेट और NADH श्वसन-क्रिया की आगे की अवस्थाओं में काम आते हैं।
- ग्लुकोजेनिसिस में दो ऊर्जा प्रणालियां कार्य करती है: प्रोटियोलिसिस, पाइरुवेट द्वारा बनायीं गयी एलानाइन और लेक्टेट देता है, जबकि एसिटिल
- चूँकि एक ग्लूकोज के अणु से दो पाइरुवेट बनते हैं और क्रेब्स-चक्र में प्रवेश करते हैं अतः कुल दो ATP के अणु बनते हैं।
- सभी कोशिकाओं में ग्लूकोज को पाइरुवेट में परिवर्तित करने की क्षमता होती है जिससे वायुवीय परिस्थितियों में प्रति ग्लूकोज अणु दो एटीपी अणु बनते हैं।
- यदि इसमें पाइरुवेट से एसीटाइल-कोए बनने की प्रक्रिया में बनने वाले CO 2 के दो अणुओं को भी जोड़ दें तो कुल हुए छः अणु अर्थात एक चक्र में कुल छः कार्बन CO 2 के रूप में विसर्जित हुए।
- ग्लुकोजेनिसिस में दो ऊर्जा प्रणालियां कार्य करती है: प्रोटियोलिसिस, पाइरुवेट द्वारा बनायीं गयी एलानाइन और लेक्टेट देता है, जबकि एसिटिल CoA घुलनशील पोषक तत्त्व (कीटोन समूह) बनता है, जिनकी जांच मूत्र द्वारा की जा सकती है और यह मस्तिष्क द्वारा ऊर्जा के स्त्रोत के रूप में प्रयोग किये जाते हैं.
- ग्लाइकोलिसिस (ग्लाइकोस = ग्लूकोज का पुराना नाम और लाइसिस = विघटन या टूटना) ग्लूकोज का चयापचय पथ है जिसमें ग्लूकोज C 6 H 12 O 6 का एक अणु टूट कर पाइरुवेट (तीन कार्बन का एक अणु) CH 3 COCOO-+ H + के दो अणुओं में विभाजित हो जाता है।
- क्रेब्स-चक्र में प्रवेश करने के पहले पाइरुवेट डिहाइड्रोजिनेज एंजाइम पाइरुविक एसिड (3 Carbon Molecule) का विघटन करता है, एक कार्बन का परमाणु कार्बन डाइ-ऑक्साइड के रूप में अलग हो जाता है तथा शेष बचे दो कार्बन कोएन्जाइम-ए से जुड़ते हैं और एसीटाइल-कोएन्जाइम-ए या एसीटाइल-कोए (acetyl-coenzyme A or acetyl-CoA) बनता है।