• question hour |
प्रश्नकाल अंग्रेज़ी में
[ prashnakal ]
प्रश्नकाल उदाहरण वाक्य
उदाहरण वाक्य
अधिक: आगे- No debate is permitted during the Question Hour on any question or answer given .
प्रश्नकाल के दौरान किसी प्रश्न पर या दिए गए उत्तर पर वाद विवाद की अनुमति नहीं होती . - These facts amply demonstrate the efficacy of the question procedure and utility of the Question Hour .
इन तथ्यों से पूर्णतया स्पष्ट हो जाता है कि प्रश्नों Zकी प्रक्रिया कितनी प्रभावी है और प्रश्नकाल कितना उपयेगी है . - From December 1991 the Question Hour in the two Houses , after necessary editing , was being telecast on the following day .
दिसंबर , 1991 से , दोनों सदनों में प्रश्नकाल का , आवश्यक संपादन करने के बाद , अगले दिन दूरदर्शन पर प्रसारण किया जा रहा है . - Usually , the Speaker takes the Chair in the forenoon particularly during the Question Hour and the most crucial period following soon after the Question Hour .
आमतौर पर , अध्यक्ष मध्याह्न पूर्व , विशेष रूप से प्रश्नकाल के दौरान और प्रश्नकाल के तुरंत बाद के अति कठिनाई के समय पीठासीन रहता है - Usually , the Speaker takes the Chair in the forenoon particularly during the Question Hour and the most crucial period following soon after the Question Hour .
आमतौर पर , अध्यक्ष मध्याह्न पूर्व , विशेष रूप से प्रश्नकाल के दौरान और प्रश्नकाल के तुरंत बाद के अति कठिनाई के समय पीठासीन रहता है - At the end of the Question Hour , short notice questions , if any , for that day are taken up and disposed of in the same way as the question for oral answers .
प्रश्नकाल के अंत में अल्प-सूचना प्रश्न , यदि कोई हो तो , लिया जाता है और उसे वैसे ही निबटाया जाता है जैसे मौखिक उत्तर के लिए किसी प्रश्न को निबटाया जाता है . - Evaluating the Question Hour Though the purpose of asking questions , by definition , is to seek information , in actual practice , most of them tend to give information .
प्रश्नकाल का मूल्यांकन यद्यपि परिभाषा के अनुसार प्रश्न पूछने का प्रयोजन जानकारी प्राप्त करना है , तथापि व्यवहार में , अधिकांश-प्रश्नों का प्रयोजन जानकारी उपलब्ध कराना है - Immediately after the Question Hour , which is euphemistically called “ Zero Hour ” , by the Press several members are on their feet to raise such matters creating din and disorder in the House .
कभी कभी प्रश्नकाल के तुरंत बाद , जिसे प्रेस द्वारा ? शून्यकाल ? कहा जाता है , अनेक सदस्य ऐसे मामले उठाने के लिए खड़े हो जाते हैं और सदन में कोलाहल तथा अव्यवस्था का वातावरण पैदा कर देते हैं . - As soon as the Question Hour is over , several members are on their feet to raise matters which they feel cannot brook any delay even if there are no rules permitting them .
प्रश्नकाल के समाप्त होते ही सदस्यगण ऐसे मामले उठाने के लिए खड़े हो जाते हैं जिनके बारे में वे महसूस करते हैं कि कार्यवाही करने में देरी नहीं की जा सकती , हालांकि इस प्रकार मामले उठाने के लिए नियमों में कोई उपबंध नहीं है - It has been rightly said that during the Question Hour in Parliament , “ a piercing searchlight is thrown in every nook and corner of the vast length and breadth of the administration and nothing fails outside the scrutiny of the Parliament ” .
यह ठीक ही कहा गया है कि संसद में प्रश्नकाल के दौरान ? विशाल प्रशासनिक व्यवस्था के प्रत्येक विभाग के प्रत्येक क्रियाकलाप की बारीकी से जांच होती है और कोई भी क्षेत्र संसद की छानबीन से अछूता नहीं रहता ? .