• tunneling |
सुरंगन अंग्रेज़ी में
[ suramgan ]
सुरंगन उदाहरण वाक्य
उदाहरण वाक्य
अधिक: आगे- मई 1931 में नेवादा सुरंगों के निचले पोर्टल्स में सुरंगन शुरू हुआ.
- मई 1931 में नेवादा सुरंगों के निचले पोर्टल्स में सुरंगन शुरू हुआ.
- शिलायांत्रिकी एवं सुरंगन प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में डाटा बेस का निर्माण, भारतीय अनुभवों का प्रलेखन तथा सूचना का प्रसार
- इसके महत्वपूर्ण कार्य क्षेत्र हैं:-जोसेफसन जंक्शंस एवं एक इलेक्ट्रान सुरंगन (टनलिंग) भौतिकी, थिन फिल्मों एवं विषम संरचनाओं में क्वांटम परिवहन, नैनोस्केल मापन ।
- इसके महत्वपूर्ण कार्य क्षेत्र हैं:-जोसेफसन जंक्शंस एवं एक इलेक्ट्रान सुरंगन (टनलिंग) भौतिकी, थिन फिल्मों एवं विषम संरंचनाओं में क्वांटम परिवहन, नैनोस्केल मापन ।
- गुंटर निम्त्ज़ (Günter Nimtz) और पेत्रिस्सा एक्क्ले द्वारा प्रतिपादित सैद्धांतिक और प्रायोगिक सुरंगन अध्ययन ने [22] गलत दावा किया की विशेष परिस्थितियों में सिग्नल प्रकाश के वेग से भी अधिक गति से चल सकता है।
- राष्ट्रीय समिति का प्रमुख कार्य मृदा गतिकी, नींव अभियांत्रिकी, शिलायांत्रिकी व सुरंगन प्रौद्योगिकी, कंक्रीट प्रौद्योगिकी व निर्माण सामग्री संरचनाओं के क्षेत्र में आधारभूत व प्रायोगिक अनुसंधान, कार्य अनुसंधान और अनुसंधान से संबंधित अन्य क्षेत्रों में विभिन्न संस्थानों द्वारा किए जाने वाले अनुसंधान कार्यक्रमों को बढ़ावा देना, समन्वय करना तथा इनके लिए धनराशि की सिफारिश करना है।
- [23] [24] [25] [26] यह मापन किया गया की फाइबर अंकीकरण सिग्नल c से 5 गुना वेग तक गति करता है और शून्य समय सुरंगन इलेक्ट्रान द्वारा ले जाने वाली सूचना कि परमाणु का फोटोन से आयनीकरण, और इसके बावजूद भी इलेक्ट्रान सुरंगन में शून्य समय लगाता है।
- [23] [24] [25] [26] यह मापन किया गया की फाइबर अंकीकरण सिग्नल c से 5 गुना वेग तक गति करता है और शून्य समय सुरंगन इलेक्ट्रान द्वारा ले जाने वाली सूचना कि परमाणु का फोटोन से आयनीकरण, और इसके बावजूद भी इलेक्ट्रान सुरंगन में शून्य समय लगाता है।
- राष्ट्रीय समिति का प्रमुख कार्य मृदा गतिकी, नींव अभियांत्रिकी, शिलायांत्रिकी व सुरंगन प्रौद्योगिकी, कंक्रीट प्रौद्योगिकी व निर्माण सामग्री संरचनाओं के क्षेत्र में आधारभूत व प्रायोगिक अनुसंधान, कार्य अनुसंधान और अनुसंधान से संबंधित अन्य क्षेत्रों में विभिन्न संस्थानों द्वारा किए जाने वाले अनुसंधान कार्यक्रमों को बढ़ावा देना, समन्वय करना तथा इनके लिए धनराशि की सिफारिश करना है।