अन्न-रस का अर्थ
[ anen-res ]
अन्न-रस उदाहरण वाक्य
परिभाषा
संज्ञा- जठराग्नि में अन्न का परिपाक होने पर बनने वाला रस:"अधिकांश अन्नरस का अवशोषण छोटी आँत में होता है"
पर्याय: अन्नरस
उदाहरण वाक्य
- उस बादल की तरह जिसे देखते ही किसन की बाछें खिल जाती हैं और धरती अन्न-रस से भरपूर हो जाती है।
- कीलालपे सोमपृष्ठाय वेधसे हृदा मतिं जनये चारुमग्नये॥ ऋग्वेद ( मण्डल १ ० सूक्त ९ १ मंत्र १ ४ ) अन्न-रस का पान करने वाले , सोम की आहुति ग्रहण करने वाले , श्रेष्ठमति वाले अग्निदेव के लिये अपने मन और बुद्धि शुद्ध करो ; तभी तो अश्व , गौ , मेष और वृषभ की सज्जित भेंट प्राप्त होगी।