आगत-स्वागत का अर्थ
[ aagat-sevaagat ]
आगत-स्वागत उदाहरण वाक्य
परिभाषा
संज्ञा- / विदेशी लोग भारतीय शिष्टाचार से बहुत प्रभावित होते हैं"
पर्याय: अतिथि-सत्कार, अतिथि-सेवा, अतिथि सत्कार, अतिथि सेवा, अतिथिसत्कार, अतिथिसेवा, आतिथ्य, सत्कार, मेहमाननवाज़ी, मेहमानदारी, मेहमाननवाजी, मेज़बानी, मेजबानी, शिष्टाचार, आगतस्वागत, पहुनाई, हास्पिटैलिटी, हॉस्पिटैलिटी, हास्पटैलिटी, हॉस्पटैलिटी
उदाहरण वाक्य
अधिक: आगे- उन्होंने फिर वही कल का सा आगत-स्वागत आरंभ किया।
- रात विप्रों का आगत-स्वागत करते गुजरी।
- सुबह हुई तो उन्होंने फिर वही कल का सा आगत-स्वागत आरंभ किया।
- “कुच्छो हो सिंघ जी , मानिए चाहे नहीं मानिए , लेकिन यह सच है कि हम बिहारी जब किसी अनजान से भी पहली बार मिलते हैं तो हमारे चेहरे पर जिज्ञासा का नहीं स्वागत का भाव होता है, पर उस शहर में तो वर्षों से दोनों अगल-बगल में रहते हैं पर कोई जान-पहचान, आगत-स्वागत नहीं।
- “ कुच्छो हो सिंघ जी , मानिए चाहे नहीं मानिए , लेकिन यह सच है कि हम बिहारी जब किसी अनजान से भी पहली बार मिलते हैं तो हमारे चेहरे पर जिज्ञासा का नहीं स्वागत का भाव होता है , पर उस शहर में तो वर्षों से दोनों अगल-बगल में रहते हैं पर कोई जान-पहचान , आगत-स्वागत नहीं।
- “ कुच्छो हो सिंघ जी , मानिए चाहे नहीं मानिए , लेकिन यह सच है कि हम बिहारी जब किसी अनजान से भी पहली बार मिलते हैं तो हमारे चेहरे पर जिज्ञासा का नहीं स्वागत का भाव होता है , पर उस शहर में तो वर्षों से दोनों अगल-बगल में रहते हैं पर कोई जान-पहचान , आगत-स्वागत नहीं।