नन्दरानी का अर्थ
[ nenderaani ]
नन्दरानी उदाहरण वाक्य
परिभाषा
संज्ञाउदाहरण वाक्य
- आगे नन्दरानी के तनिक पय पीवे काज
- काव्य शास्त्रकार कविता में मूर्धन्य स्पर्श को अनुचित और गवांरू मानते हैं लेकिन पद्माकर की कविता ‘ आगे नन्दरानी के तनक पय पीवे काज।
- एक दो बार तो वो नन्दभवन मे जा के कन्हैया को माखन खिला आयीं , पर रोज - रोज जाना शायद नन्दरानी को अच्छा न लगे .
- ' यशोदा ने तम्बू से बाहर आकर ललिता के ओरदेखते हुए कहा, `क्या याद आ गया?' चौंक कर ललिता ने सामने देखा, नन्दरानी यशोदा उस की ओर की ध्यान से देखरही थीं.
- तो नन्दरानी यह भी कह सकती हैं , कि बहन माखन तो हमारे यहाँ पहले से ही है , तुम क्यों रोज - रोज कष्ट करती हो ? ऐसा सोच कर , मन मसोस कर सब की सब अपने घरों मे ही रहीं .