पुण्यहीन का अर्थ
[ puneyhin ]
पुण्यहीन उदाहरण वाक्य
परिभाषा
विशेषणउदाहरण वाक्य
- वहीं पुण्यहीन व्यक्ति की सोच हमेशा नकारात्मक रहती है।
- गंगा में स्नान करने से पुण्य लाभ होता है क्योंकि वह पतितपावनी -पापनाशिनी है , हमारे पापों को हर लेती है और इसके ठीक उलट का जलस्पर्श हमें पुण्यहीन कर देता है .
- गंगा में स्नान करने से पुण्य लाभ होता है क्योंकि वह पतितपावनी -पापनाशिनी है , हमारे पापों को हर लेती है और इसके ठीक उलट कर्मनाशा का जलस्पर्श हमें पुण्यहीन कर देता है.ऐसा माना गया है.
- हिन्दी के मशहूर कथाकार शिवप्रसाद सिंह की कहानी ' कर्मनाशा की हार' के ये दो अंश उस नदी के बारे में हैं जो लोक प्रचलित किंवदंतियों -आख्यानों में एक अपवित्र नदी मानी गई है क्योंकि वह कर्मों का नाश करती है.उसके जल के स्पर्श मात्र से हमारे सारे पुण्य विगलित हो जाते हैं.गंगा में स्नान करने से पुण्य लाभ होता है क्योंकि वह पतितपावनी -पापनाशिनी है,हमारे पापों को हर लेती है और इसके ठीक उलट का जलस्पर्श हमें पुण्यहीन कर देता है.ऐसा माना गया है.