मूंज का अर्थ
[ munej ]
मूंज उदाहरण वाक्य
परिभाषा
संज्ञा- एक प्रकार का तृण जो छप्पर आदि छाने के साथ-साथ धार्मिक अनुष्ठानों में भी काम आता है:"इस सड़क के किनारे जगह-जगह मूँज उगी हुई है"
पर्याय: मूँज, मूज, शारी, बहुतृण, ब्रह्ममेखल, रंजन, रञ्जन, इक्षुकांड, इक्षुकाण्ड, इक्ष्वांलिका
उदाहरण वाक्य
अधिक: आगे- मूंज की जेवड़ी की तरह बटी हुई
- कास के इन कोंपलों को मूंज कहा जाता था।
- वह कमर में मूंज और मेखला धारण किये था।
- वह कमर में मूंज और मेखला धारण किये था।
- एक मूंज की चारपाई पर कन्या-पक्ष के पं .
- हाथ में मूंज की डोरी , कमर में मृग की छाला।
- सही कहा लक्ज़री है . .. मूंज की खटिया.. खुली छत.. बहुत मजा है..
- सही कहा लक्ज़री है . .. मूंज की खटिया.. खुली छत.. बहुत मजा है..
- सही कहा लक्ज़री है . .. मूंज की खटिया.. खुली छत.. बहुत मजा है..
- मूंज तथा सन आदि को एकत्र करके उसकी रस्सियां तैयार कर लें।