शकुन्तक का अर्थ
[ shekunetk ]
शकुन्तक उदाहरण वाक्य
परिभाषा
संज्ञाउदाहरण वाक्य
- यकोअस्कैउ शकुन्तक आहाल्गीती वन्चती | विवाक्ष्ट एव ते मुखाम्ध्वयों पा नस्त्वंभी भाष्था : ( यजुर्वेद २ ३ / २ ३ ) अर्थात- वे पुरोहित के लिंग की ओर संकेत करके कहती है कि हे पुरोहित , तुम्हारे मुंह से ‘ हल-हल ' की ध्वनि निकलती है , जब तुम बोलते हो , तुम्हारा लिंग तुम्हारे मुंह के ही सामान है , क्योंकि इसमें भी छेद है अत : तुम हम से जबान न चलाओ।