सिन्धुक का अर्थ
[ sinedhuk ]
सिन्धुक उदाहरण वाक्य
परिभाषा
संज्ञा- छह से बारह फुट ऊँचा एक सदाबहार पौधा जिसमें अरहर के समान पाँच-पाँच पत्तियाँ होती हैं और इसके पूरे शरीर पर छोटे-छोटे रोम पाए जाते हैं:"निर्गुडी की जड़ और पत्तियाँ औषध के रूप में प्रयुक्त होती हैं"
पर्याय: निर्गुडी, निर्गुंडी, निर्गुण्डी, निर्गुठी, निर्गुंठी, निर्गुण्ठी, शेफालिका, शेफाली, शेफालि, रंगलासिनी, रङ्गलासिनी, सिंदुवार, सिन्दुवार, निशाहसा, निशिपुष्पिका, निशिपुष्पी, निशिपुष्पा, श्वेतपुष्प, श्वेतराजी, शीतमंजरी, शीतमञ्जरी, शीतसहा, शितनिर्गुंडी, शितनिर्गुण्डी, शुक्लांगा, शुक्लांगी, मसिका, सिंधुक, सिंधुराव, सिन्धुराव, सिंधुवार, सिन्धुवार, सिंधुसहा, सिन्धुसहा, नदीकांत, नदीकान्त, रक्तवृंता, रक्तवृन्ता, सिंभालू, वातारि
उदाहरण वाक्य
अधिक: आगे- उस वृक्ष पर सिन्धुक नाम का एक पक्षी रहता था।
- ( इतिहास में सिन्धुक को अनार्य जाति का बताया गया है।
- उस वृक्ष पर सिन्धुक नाम का एक पक्षी रहता था।
- उस वृक्ष पर सिन्धुक नाम का एक पक्षी रहता था।
- उस वृक्ष पर सिन्धुक नाम का एक पक्षी रहता था।
- ( इतिहास में सिन्धुक को अनार्य जाति का बताया गया है।
- इतिहास में 28 ई . पूर्व आंध अथवा सालवाहन वंश के सिन्धुक नाम व्यक्ति ने सुशर्मा का वध कर दिया।
- इतिहास में 28 ई . पूर्व आंध अथवा सालवाहन वंश के सिन्धुक नाम व्यक्ति ने सुशर्मा का वध कर दिया।
- इसलिए उसे पुराणों में शूद्र सेवक लिखा गया ) सिन्धुक का भाई कृष्ण, कृष्ण का शांतिकर्ण आदि राजाओं का राज्य होगा।
- इसलिए उसे पुराणों में शूद्र सेवक लिखा गया ) सिन्धुक का भाई कृष्ण , कृष्ण का शांतिकर्ण आदि राजाओं का राज्य होगा।