सोमवंश का अर्थ
[ somevnesh ]
सोमवंश उदाहरण वाक्य
परिभाषा
संज्ञा- क्षत्रियों के दो प्रसिद्ध और मूल वंशों या कुलों में से एक जिसकी उत्पत्ति चंद्र से मानी जाती है:"पांडव तथा कौरव चंद्रवंश के थे"
पर्याय: चंद्रवंश, चंद्र-वंश, चंद्र वंश, चन्द्रवंश, चन्द्र-वंश, चन्द्र वंश, शशिकुल
उदाहरण वाक्य
अधिक: आगे- यहीं से सोमवंश / चन्द्रवंश की शुरुवात हुयी।
- महाकोशल में हैहयवंश की उपस्थिति एवं सोमवंश का अंत
- महाकोशल में हैहयवंश की उपस्थिति एवं सोमवंश का अंत
- यह सोमवंश , कंड्रावंश और प्रारंभ मे चंद्रवंशी राजाओं रहा है।
- सोमवंश - कहीं कहीं इसे पाण्डुवंश के नाम से संबोधित किया जाता है ।
- हमारे देश मे सफ़ेद दाग की बहुतायत सोमवंश सहसर्जुन क्षत्रिय समुदाय मे अधिक पायी जाती है।
- भाट लोगों के अनुसार इनका : वंश - सोमवंश, गोत्र - विश्वामित्र, शाखा - मारधुने, प्रवर तीन थे.
- भाट लोगों के अनुसार इनका : वंश - सोमवंश , गोत्र - विश्वामित्र , शाखा - मारधुने , प्रवर तीन थे .
- अब सोमवंश की आदि राजधानी श्रीपुर की ओर प्रस्थान का समय था , वीर कलिंगराज रत्नपुर से श्रीपुर की ओर बढ चला ।
- भाट लोगों ने इनके सम्बन्ध में लिख रखा है- “ सोमवंश , विश्वामित्र गोत्र , मारधुने की शाखा , 3 प्रवर ” ।