अजन्म का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- उसके आठ पुत्र उत्पन्न हुए , जिनमें उग्र, वांम, भीम और वासदेव तो अजन्म ब्रह्मचर्य व्रत धारण कर ब्रह्मा में लीन हो गये वत्स धौम्य देव, वेद दृग तथा बेद-बाहु ने ब्रह्मचर्य पूर्वक वेदाध्ययन करने के पश्चात गृहस्थाश्रम में प्रवेश किया।
- उन्होंने कहा , “यदि तुम्हारा पुत्र मेरी सत्यवती के पुत्र से राज्य छीन ले ? देवव्रत ने यह आशय जानकर कहा, ‘निषादराज मैं अजन्म ब्रह्मचर्य का पालन करने का भीष्मव्रत लेता हूँ।” यह सुनकर निषादराज ने महाराज शान्तनु के साथ अपनी राजकन्या सत्यवती के विवाह के लिए कोई आपत्ति नहीं की।