भारवी का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- श्रीमद भागवत की भाषा शैली दो प्रकार की है एक - पुराणों में प्रतिपादित शैली दो- आधुनिक कवियों ( कालिदास , माघ , भारवी और श्री हर्ष की शैली अधिकतम बड़े उल्लिखित श्लोक इसी शैली में है .
- श्रीमद भागवत की भाषा शैली दो प्रकार की है एक - पुराणों में प्रतिपादित शैली दो- आधुनिक कवियों ( कालिदास , माघ , भारवी और श्री हर्ष की शैली अधिकतम बड़े उल्लिखित श्लोक इसी शैली में है .
- मध्यकालीन युग में पंच महाकाव्यों की भी रचना हुई; श्री कालिदास के “रघुवंश” और “कुमारसंभव” श्री भारवी का “किरातार्जुनीय” ( इ. 550) श्री माघ का “शिशुपालवध”; और श्री हर्ष का “नैषधिय चरित” इन पाँचों महाकाव्यों का प्रेरणास्रोत ग्रंथ “महाभारत” था जो आज भी अनेक लेखकों का मार्गदर्शक है ।
- मध्यकालीन युग में पंच महाकाव्यों की भी रचना हुई ; 1 ) श्री कालिदास के “ रघुवंश ” और “ कुमारसंभव ” 2 ) श्री भारवी का “ किरातार्जुनीय ” ( इ. 550 ) 3 ) श्री माघ का “ शिशुपालवध ” ; और 4 ) श्री हर्ष का “ नैषधिय चरित ”