पाइरूविक अम्ल वाक्य
उच्चारण: [ paairuvik amel ]
उदाहरण वाक्य
- आगे की प्रक्रिया में आक्सीजन के अभाव में पाइरूविक अम्ल का पूर्ण आक्सीकरण नहीं हो पाता है अतः इस श्वसन में आक्सीय श्वसन की तुलना में बहुत कम ऊर्जा उत्पन्न होती है।
- आगे की प्रक्रिया में आक्सीजन के अभाव में पाइरूविक अम्ल का पूर्ण आक्सीकरण नहीं हो पाता है अतः इस श्वसन में आक्सीय श्वसन की तुलना में बहुत कम ऊर्जा उत्पन्न होती है।
- उन्होंने गन्ना, मक्का, अमेरेन्थस आदि पौधों में अध्ययन कर बताया कि फोस्फोइनोल पाइरूविक अम्ल जो कि ३ कार्बन विशिष्ठ यौगिक है कार्बनडाइऑक्साइड से संयुक्त होकर ४ कार्बन विशिष्ठ यौगिक ओक्सैलोएसिटिक अम्ल बनाता है।
- उन्होंने गन्ना, मक्का, अमेरेन्थस आदि पौधों में अध्ययन कर बताया कि फोस्फोइनोल पाइरूविक अम्ल जो कि ३ कार्बन विशिष्ठ यौगिक है कार्बनडाइऑक्साइड से संयुक्त होकर ४ कार्बन विशिष्ठ यौगिक ओक्सैलोएसिटिक अम्ल बनाता है।
- उन्होंने गन्ना, मक्का, अमेरेन्थस आदि पौधों में अध्ययन कर बताया कि फोस्फोइनोल पाइरूविक अम्ल जो कि ३ कार्बन विशिष्ठ यौगिक है कार्बनडाइऑक्साइड से संयुक्त होकर ४ कार्बन विशिष्ठ यौगिक ओक्सैलोएसिटिक अम्ल बनाता है।
- क्रेब्स चक्र की चक्रीय प्रतिक्रियाओं में पाइरूविक अम्ल के पूर्ण उपचन से पूरे चक्र में तीन स्थानों पर कार्बन डाइऑक्साइड (CO) का एक एक अणु बाहर निकलता है, अर्थात् पाइरूविक अम्ल के तीनों कार्बन परमाणु तीन अणु कार्बन डाइऑक्साइड के रूप मं बाहर निकलते हैं।
- क्रेब्स चक्र की चक्रीय प्रतिक्रियाओं में पाइरूविक अम्ल के पूर्ण उपचन से पूरे चक्र में तीन स्थानों पर कार्बन डाइऑक्साइड (CO) का एक एक अणु बाहर निकलता है, अर्थात् पाइरूविक अम्ल के तीनों कार्बन परमाणु तीन अणु कार्बन डाइऑक्साइड के रूप मं बाहर निकलते हैं।
- श्वसन की क्रिया के प्रथम चरण में श्वसन-द्रव्यों (ग्लूकोज, ग्लाइकोजेन, स्टार्च आदि कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, पेप्टाइड या अमीनो अम्ल तथा वसा या वसीय अम्ल के विघटन से पाइरूविक अम्ल का निर्माण होता है तथा द्वितीय चरण में पाइरूविक अम्ल के पूर्ण आक्सीकरण से जल एवं कार्बन डाईऑक्साइड बनते हैं।
- श्वसन की क्रिया के प्रथम चरण में श्वसन-द्रव्यों (ग्लूकोज, ग्लाइकोजेन, स्टार्च आदि कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, पेप्टाइड या अमीनो अम्ल तथा वसा या वसीय अम्ल के विघटन से पाइरूविक अम्ल का निर्माण होता है तथा द्वितीय चरण में पाइरूविक अम्ल के पूर्ण आक्सीकरण से जल एवं कार्बन डाईऑक्साइड बनते हैं।
- श्वसन की क्रिया के प्रथम चरण में श्वसन-द्रव्यों (ग्लूकोज, ग्लाइकोजेन, स्टार्च आदि कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, पेप्टाइड या अमीनो अम्ल तथा वसा या वसीय अम्ल के विघटन से पाइरूविक अम्ल का निर्माण होता है तथा द्वितीय चरण में पाइरूविक अम्ल के पूर्ण आक्सीकरण से जल एवं कार्बन डाईऑक्साइड बनते हैं।