अजहूँ का अर्थ
[ ajhun ]
अजहूँ उदाहरण वाक्य
परिभाषा
क्रिया-विशेषणउदाहरण वाक्य
अधिक: आगे- ऐसौ प्रभू छाँडि क्यौं भटकै , अजहूँ चेति अचेत॥
- ऐसौ प्रभू छाँडि क्यौं भटकै , अजहूँ चेति अचेत॥
- अजहूँ न लक्ष्मी चन्द्रगुप्तहि गाढ़ आलिंगन करै ।
- अवधि गई अजहूँ नहि आये , कतहूँ रहे चितचोर।।
- अजहूँ माई टेव न मिटति मान की |
- ऐसौ प्रभू छाँडि क्यौं भटकै , अजहूँ चेति अचेत॥
- ऐसौ प्रभू छाँडि क्यौं भटकै , अजहूँ चेति अचेत॥
- मन मूरख अजहूँ नहिं समुझत , सिख दै हारयो नीत।
- अजहूँ तेरा सब मिटैं , जो मानै गुरु सीख ।
- अहह जाति तब मत्सरता अजहूँ न भुलाई।