अजौं का अर्थ
[ ajaun ]
अजौं उदाहरण वाक्य
परिभाषा
क्रिया-विशेषणउदाहरण वाक्य
अधिक: आगे- मनु ह्वै जात अजौं वहै उहि जमुना के तीर।
- मन ह्वै जात अजौं वहै वा जमुना के तीर।
- पाछिली बानि अजौं न तजी तुम , तैसेइ भाभी के तंदुल कीने॥
- अन्त में वह कहता है - “ चेति रे चेति अजौं चित्त अन्तर अन्तक लोक अकेलोई जै है।
- मन ह्वै जात अजौं वहै उहि जमुना के तीर विशुद्ध काव्य के अतिरिक्त बिहारी ने सूक्तियाँ भी बहुत सी कही हैं जिनमेंबहुतसीनीतिसंबंधिनी हैं।
- अंक मंे चार कहानियां संकलित हैं जिनमें- फलवाला ( ओम उपाध्याय ) , बेटा ( विनोद कुमार शौख ) , एक भरोसेदार पागल ( कुंवर पे्रमिल ) तथा मन है जात अजौं वहीं ( आशारानी लाल ) हैं।
- जाई कन शौक चढी त्वै बुढया पर जरा शर्म नि आई अजौं भी त्वैन जुकुडी माँ ब्यो की आग च लगांई नि देख दिन माँ सुप्नाया , बोलाणी च जनानी दस बच्चो कु बुबा ह्वै गे कन ह्वै तेरी निखाणी मैं ही छौं तेरी छड़छड़ी बान्द देख मैं पर तांणी अपनी जनानी दगडा माँ किले छ नजर