लोक-निंदा का अर्थ
[ lok-ninedaa ]
लोक-निंदा उदाहरण वाक्य
परिभाषा
संज्ञाउदाहरण वाक्य
अधिक: आगे- लोक-निंदा की संभावना भी न थी।
- लोक-निंदा की संभावना भी न थी।
- अपमान और लोक-निंदा का भय उसके दिल से मिटने लगा था।
- मैं सारी विडम्बनाएँ सह लूँगी , लोक-निंदा की मुझे चिंता नहीं है ;
- मैं सारी विडम्बनाएँ सह लूँगी , लोक-निंदा की मुझे चिंता नहीं है ;
- हूँ वह मैं ही जानती हूँ किन्तु लोक-निंदा भी तो कोई चीज है ! संसार
- - श्रीहर्ष लोक-निंदा भय इसलिए है कि वह हमें बूरे कामों से बचाती है ।
- लोक-निंदा का एक ऐसा अनर्थकारी भय शायद ही कहीं देखने को मिले , वह भी एक अविचल-चित्त, न्यायनिष्ठ , धर्मप्राण व्यक्ति में।
- एक ओर प्रेम और श्रध्दा है , तो दूसरी ओर अपनी प्रतिज्ञा , माता की अप्रसन्नता का भय और लोक-निंदा की लज्जा।
- लोक-निंदा का एक ऐसा अनर्थकारी भय शायद ही कहीं देखने को मिले , वह भी एक अविचल-चित्त , न्यायनिष्ठ , धर्मप्राण व्यक्ति में।